खजौली। स्थानीय प्रखंड कार्यालय के सभागार में प्रमुख कुमारी उषा की अध्यक्षता में बुधवार को विदाई समारोह का आयोजन कर प्रखंड के दो कर्मियों को एक साथ विदाई दी गई। इस दौरान सेवानिवृत्त पंचायत सचिव शिव लाल साहु एवं पंचायत सचिव से प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी में प्रोन्नति पाकर स्थानान्तरित कर्मी राम चन्द्र यादव को जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों द्वारा पाग-दोपटा, अंग-वस्त्र एवं ट्रॉली बैग देकर सम्मानित किया गया। वहीं उपस्थित प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी ने दोनों कर्मियों के व्यवहार व कार्यशैली की विस्तृत चर्चा की। सभी ने दोनों कमियों को मिलनसार, मृदुभाषी एवं कर्मठ कर्मी बताया। कहा कि श्री यादव का पंचयत सचिव से प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी तक का सफर कर्तव्य व निष्ठा से भरा हुआ है। कहा कि जिले के एक मात्र पंचयात सचिव का बीपीआरओ में प्रोन्नति होना उनके अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा को दर्शाता है। वे आमजन के कार्य को हमेशा प्रथमिकता दिये। विदाई कार्यक्रम को प्रमुख कुमारी उषा, बीडीओ लवली कुमारी, बीपीआरओ हेम नारायण महतो, पंसस श्रीनाथ नागमणि, रामनाथ पासवान, शिक्षक सतीश कुमार आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व मुखिया अजय कुमार सिंह, मुखिया प्रतिनिधि विपिन यादव, पंसस रघुवीर गरेड़ी, प्रखंड नाजिर प्रमोद कुमार भाष्कर, अंचल नाजिर प्रभात कुमार, पंचयात सचिव सरोज कुमार, अनूप कुमार, शशिशंकर कुमार, शशि कान्त कुमार, सरोज कुमार गामी आदि उपस्थित थे।

बाल श्रम के विरुद्ध जन जागरूकता अभियान हेतु प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना *-------- विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री राहत कोष से आच्छादित बच्चों को स्कूल बैग देकर किया गया पुरस्कृत* *मधुबनी : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर श्रम कार्यालय, मधुबनी में बुधवार को कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।* *श्रम अधीक्षक कार्यालय मधुबनी में उपस्थित पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित सभी श्रमिकों ने शपथ लिया कि बाल श्रम सामाजिक अभिशाप है, हमें इस प्रथा को पूर्णतया समाप्त करने हेतु सजग होकर प्रयास करना चाहिए साथ ही सभी उपस्थित श्रमिकों से शपथ पत्र भी भरवारा गया।* *श्रम अधीक्षक मधुबनी एवं सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी के द्वारा बाल श्रम के विरुद्ध जन जागरूकता अभियान हेतु दो प्रचार प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।* *श्रम अधीक्षक मधुबनी एवं सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई के द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष से आच्छादित बच्चों को स्कूल बैग देकर पुरस्कृत किया गया।* *इस अवसर पर मधुबनी जिला के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, प्रथम संस्था के जिला समन्वयक अशोक मोहिते, सर्वो प्रयास संस्थान के सचिव निर्मला जी एवं उनके अन्य प्रतिनिधि, मधुबनी जिला निर्माण श्रमिक यूनियन संघ के सचिव सत्यनारायण रॉय, निर्माण कामगार फेडरेशन मधुबनी के महासचिव दिनेश भगत तथा अधिक से अधिक संख्या में श्रमिक उपस्थित हुए।

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हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। बाल श्रम इस अधिकार का हनन करता है।” यह एक प्रसिद्ध व्यक्ति मलाला यूसुफजई के विचार है। वाकई में बाल श्रम एक ऐसा अभिशाप है जो बच्चों को न केवल शिक्षा से दूर कर रहा है बल्कि उनका सम्पूर्ण बचपन भी छीन लेता है इतना ही नहीं यह समाज को विनाश के पथ पर आगे बढ़ाता है। बच्चे देश के भविष्य होते हैं लेकिन बाल श्रम जैसी कुरीति से बच्चों का भविष्य ही अँधेरे में जा रहा है। जिस उम्र में बच्चे खेल कूद कर जीवन के हर पहलुओं को समझते है,उस उम्र बच्चे बाल श्रम करने को बेबस है । तो साथियों , आइये मिलकर बाल श्रम के विरुद्ध अपनी आवाज़ बुलंद करे और न सिर्फ देश से बल्कि सम्पूर्ण विश्व से बाल श्रम की प्रथा को खत्म करने में अपना भागीदारी सुनिचित करें।

गर्मी से बचने के लिए सभी जरुरी कदम उठाने होंगे | बिजली का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल ना करें, पानी का सही इस्तेमाल करें और जब तक ज़रूरी ना हो, घर से बाहर धुप में ना निकले |

खुद का खेल बनाना बच्चों को सीखने में मदद करता है, इससे उनका दिमाग तेज़ होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है | खेल में माता पिता का साथ बच्चों और उनके बीच के रिश्ते को और गहरा करता है | क्या आप अपने बच्चों के साथ उनके द्वारा बनाया गया कोई खेल खेलते है ?

दोस्तों, फसले बिना केमिकल के जी जाती हैं पर पानी के बिना तो जमीन बेजान ही है! मवेशियों में भी कहां इतनी जान होगी कि वो खेत जोत पाएं, हमें दूध दे पाएं! पानी तो सबको चाहिए , पर... साथियों, हमें बताएं कि पानी के प्राकृतिक स्त्रोत खत्म होने से आपको किस तरह की दिक्कतें हो रही हैं? क्षेत्र के कुएं, पोखर और तालाब प्रशासन ने खत्म कर दिए हैं या फिर वे सूख रहे हैं? क्या इन्हें बचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं? अगर स्त्रोत सूख रहे हैं तो आपके पास पीने के पानी का क्या विकल्प है? क्या खेतों में पानी नहीं पहुंचने से फसलों को नुकसान हो रहा है? पानी की कमी के कारण किसानों और पशुपालकों को किस तरह की दिक्कतें हो रही हैं? खेतों में पानी पहुंचाने के लिए आपने क्या व्यवस्था की है और क्या यह पर्याप्त है? दोस्तों, पानी अहम है क्योंकि ये हमें जीवन देता है और आप तो जानते ही हैं.... जिंदगी जरूरी है!

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

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