बिहार के मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड से रामाशीष जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बिहार में पूर्ण-शराब बंदी योजना का प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाने का मुख्य कारण पुलिस तंत्र है।इसका निम्न तबका आतंक और भ्र्ष्टाचार में लिप्त है।राज्य में प्रत्येक दिन कहीं न कहीं शराब पकड़ा जाता है ,लेकिन उसे छोड़ दिया जाता है, इसे पकड़ेगा कौन ?पुलिस ही उसे मनचाही रकम ले कर भगाती है। शराब तस्कर जिसका संरक्षण पूलिस रूपी शेर है ,उसकी निगरानी में सुचना देने का काम मेमना रूपी चौकीदार को सौपा गया है।ये कैसी विडंबना है ?जब शेर शराब तस्कर की रक्षा करता हो तो मेमना उसका क्या बिगाड़ लेगा ? शराब बंदी योजना शत प्रतिशत लागू करना है तो जिस थाना क्षेत्र में शराब पकड़ा जाता है ,वहाँ के थाना प्रभारी सहित डियूटी पर तैनात पूलिस कर्मी को तत्काल सेवा से हटा देना चाहिए ,तभी ये योजना कामयाब होगी ।
