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नमस्कार श्रोताओ आने वाले सप्ताह में जनता की रिपोर्ट चर्चा मंच पर हम बात करेंगे ​"​मानव ​ श्रृंखला बनाकर पूर्ण शराब बंदी का सन्देश​ लोगो तक ​ पहुँचाने की ​सरकार की ​कोशिश" के बारे में​, ​आनेवाली 21 ​जनवरी को शराबबंदी के लिए ​बननेवाली ​मानव श्रृंखला को सफल ​बनाने के लिए सत्ताधारी पार्टी के सारे जनप्रतिनिधी जी-जान से जुट गए हैं. ​ सरकार का दावा है इससे शराब बंदी के फायदे का सन्देश लोगो तक पोहचेगी। ऐसा माना जा रहा है कि ​यह ​मानव श्रृंखला विश्व की अब तक की सबसे बड़ी मानव श्रृखला होगी ,पर क्या मानव श्रृंखला से शराब बंदी के फायदे का सन्देश आम नागरिकों तक पहुंच​ पायेगी ​ ? या यह सिर्फ राजनैतिक ​ शक्ति प्रदर्शन का ​एक और तरीका है ​? श्रोताओ आपके अनुसार पूर्ण शराब बंदी का सन्देश​ अब तक ​ लोगों ​के बीच ​ नहीं पहुचने के पीछे ,क्या कारण है?​ साथ ही​, ​पूर्ण शराब बंदी का सन्देश पहुँचाने के लिए सरकार द्वारा बनाई गयी मानव श्रृंखला किस हद तक कारगर साबित होगी ? ​इस चर्चा मंच पर ​आप अपनी ​राय ​ जरूर दे नंबर 3 दबाकर। और हाँ श्रोताओं अपना सन्देश देने से पहले अपना नाम,पता के साथ अपनी आजीविका व काम काज का संक्षिप्त विवरण देना ना भूले....!

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मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड से चंदू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि नोटबंदी से परेशान जनता को प्रधानमंत्री जी की डिजिटल लेनदेन करने का सुझाव दे रहे है यह बहुत ही अच्छा सुझाव है।लेकिन भारत के लिहाजा यह उपयुक्त नहीं है।यह देखा जाता है की भारत में मुख्यतः तीन तरह के बाधा नजर आ रहे है।1. नागरिको को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।2.हमारे देश में साइबर सुरक्षा ढांचा बहुत ही कमजोर है।3. पुरे देश में सभी के पास इंटरनेट की पहुच नहीं है। आज भी भारत शिक्षा के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है।जब देश की सामान अबादी पढ़ लिख नहीं सकती फिर उनसे देश और दुनिया की जानकारी होने की अपेक्षा करना बईमानी है। जागरूकता के अभाव में हम यह कैसे उम्मीद कर सकते है की देश की जनता एक झटके में डिजिटल लेनदेन करने लगेगी।यह देखा जा रहा है की देश में इंटरनेट की स्थिति भी ठीक नहीं है।वे साइबर तंत्र भी सुरक्षित नहीं है जिससे लोग बेफिक्र होकर अपने कार्य मोबाइल पर इस्तेमाल कर सके।जब तक सरकार इन बढाओ को दूर नहीं करेगी तबतक डिजिटल लेनदेन का सपना साकार नहीं होगा।

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