जिले के 16 बालू घाटों के लिये निकाले गये टेंडर पर किसी ठेकेदार ने डाक नहीं लिया लेकिन उन घाटों से अवैध ढंग से बालू का खनन जारी है। खनन विभाग की ओर से अवैध बालू खनन रोकने के लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बालू माफियाओं का एक गैंग है जो आपसी तालमेल कर डाक नहीं लेता। उसके बाद रात में अवैध ढंग से बालू का खनन करते हैं। सबसे अधिक संग्रामपुर व बरनावा घाट से बालू का अवैध ढंग से खनन हो रहा है। जिससे सरकारी राजस्व को काफी नुकसान हो रहा है। यह प्रक्रिया पांच वर्षों से चल रही है। खनन विभाग ने टेंडर निकाला था, जिसका समय 23 फरवरी तक था। किसी ने टेंडर के लिये आवेदन नहीं दिया। अब दूसरी बार खनन विभाग टेंडर निकालने की प्रक्रिया में जुटा है। नये थानेदार आते हैं तो उन बालू घाटों की सुधी लेते हैं, बाद में सब सामान्य हो जाता है।