स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड को लेकर ऋण वसूली की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। पाठ्यक्रम समाप्ति के एक साल बाद तक शिक्षा ऋण ब्याज मुक्त होगा। वर्ष 2018 से शुरू इस योजना के तहत ऋण वसूली की कार्रवाई शुरू हुई है। रोजगार नहीं पाने वालों को साल में दो बार इससे संबंधित शपथ पत्र देना होगा। इसके आधार पर ही माफी मिलेगी। ऐसा नहीं करने वाले अभ्यर्थियों पर सरकार की ओर से सर्टिफिकेट केस दर्ज कराया जाएगा। ऋण वसूली को लेकर अब 60 या 84 किस्तों में स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड का लोन बंट सकेगा। बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम ने बदले एसओपी को जारी करते हुए वसूली का निर्देश दिया है। विभाग की जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों को ऋण दिया जा चुका है। 2018 से 19-20 तक में ऋण पाने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके पाठ्यक्रम की अवधि पूर्ण हो चुकी है। बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रबंध निदेशक जयंत कुमार सिंह ने इसको लेकर निर्देश दिया है। वसूली योग्य आवेदकों से शिक्षा ऋण के पुर्नभुगतान और वसूली को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ईआरपी सिस्टम को इस प्रकार से तैयार किया गया है कि उसमें पहले से ही सभी आवेदकों का एकाउंट नंबर रहेगा। आवेदकों से शिक्षा ऋण वसूली प्रारंभ करने के पूर्व भेजे जाने वाले नोटिस, डिमांड नोटिस तथा वसूली निलंबन को लेकर शपथ-पत्रों का प्रबंधन आदि की प्रक्रिया भी सिस्टम द्वारा ही नियंत्रित होगा। दो लाख तक के ऋण को अधिकतम 60 मासिक किस्तों में व अधिक का 84 किस्तों में भुगतान होगा।