राज्य सरकार भूमिहीनों को उनकी पसंद व सहमति से जमीन खरीद कर देगी। रैयती भूमि क्रय करने के संबंध में सरकार ने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि वासहीनों को जमीन खरीद कर देने के पहले उनकी सहमति आवश्यक है। ऐसे में भूमि चयन के बाद अंचल अधिकारी व भूमि सुधार उप समाहर्ता स्वयं स्थल निरीक्षण करेंगे। यही नहीं वे संतुष्ट हो लेंगे कि वह जमीन वास योग्य है और वहां पहुंचने के लिए रास्ता उपलब्ध है। साथ ही भूमि विवाद रहित है। विभाग ने कहा है कि यदि कलस्टर में भूमि खरीदी जा रही हो तो उन्हें टोला मानकर योजनाओं का क्रियान्वयन करना है। नये टोले तक संपर्क सड़क योजना के अंतर्गत सड़क की व्यवस्था की जानी है। यही नहीं कलस्टर में आंतरिक आवागमन की व्यवस्था भी करनी है। सरकार का मानना है कि वासहीन लोगों की पसंद की जमीन देने से वे वहां मनोनुकूल ढंग से बस सकते हैं। यही नहीं भविष्य में वे इस योजना पर कोई सवाल भी खड़ा नहीं होगा।