रक्सौल अनुमंडल अस्पताल में जांच की सुविधा के अभाव के कारण मरीजों को निजी लैब घरों में ऊंची कीमत पर जांच करानी पड़ रही है।वहीं,ओपीडी में मरीज की बढ़ती संख्या के बीच लैब टेक्नीशियन की कमी से जांच में काफी दिक्कत हो रही है।वहीं, आरटीपीसीआर जांच के लिए मशीन नहीं होने से यहां सेंपल कलेक्ट कर मोतिहारी सदर अस्पताल भेजना पड़ता है,जिसमें परेशानी होती है। एनलाइजर मशीन लम्बे समय से तकनीकी कारणों से बंद पड़ा है,जिससे बायो केमेस्ट्री जांच करीब चार पांच साल से बंद है।बताते हैं कि केमिकल व टूल्स उपलब्ध नहीं होने से यह जांच शुरू नहीं हो रही।ऐसे में मरीज निजी जांच घर का चक्कर लगाने के साथ ही शोषण का शिकार हो रहे हैं।इधर,एलटी की कमी से अनुमंडल अस्पताल में लैब जांच का कार्य भी कार्य प्रभावित हो रहा है।मिली जानकारी के मुताबिक, रक्सौल अनुमंडल अस्पताल, पीएचसी और अर्बन पीएचसी ,लौकरियां हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए अलग अलग पद सृजित हैं।लेकिन, अनुमंडल अस्पताल में फिलवक्त मात्र तीन एलटी हैं,जिनके भरोसे समूचा लैब जांच का कार्य चल रहा है।इसमें दीपराज देव एचआइवी जांच के लिए आइसीटिसी केंद्र पर पदस्थापित हैं तथा उज्ज्वल कुमार कोविड एलटी और नवीन कुमार समान्य एलटी हैं।तीनो कॉन्टेक्ट पर हैं। पूछने पर अस्पताल के उपाधीक्षक सह पीएचसी प्रभारी डॉक्टर राजीव रंजन कुमार ने स्वीकार किया कि एलटी समेत पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से अस्पताल में लैब जांच का कार्य प्रभावित हो रहा है।
