मानसून आने में थोड़े विलंब की घोषणा के बाद मौसम विभाग ने कहा है कि जून महीने के दौरान मानसूनी बारिश सामान्य से थोड़ी कम हो सकती है। दूसरी चिंताजनक बात यह है कि उत्तर पश्चिमी भारत जिसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश,पंजाब, राजस्थान और समस्त उत्तर राज्य आते हैं, वहां भी मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि मानसून के दूसरे चरण में अल नीनो उत्पन्न होने की आशंका है, बावजूद इसके कुल मानसूनी बारिश सामान्य रहेगी। मानसून के चार महीनों जून-सितंबर के दौरान 87 सेंटीमीटर बारिश होती है। इस बार इसके 96 फीसदी बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। जो सामान्य बारिश है। आईएमडी के पर्यावरण निगरानी और अनुसंधान केंद्र (ईएमआरसी) के प्रमुख डी शिवानंद पई ने कहा, पूर्वोत्तर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने कहा, जून में सामान्य के 92 फीसदी या उससे कम बारिश के आसार हैं। जून में सामान्य बारिश 16.54 सेंटीमीटर होती है। देश के उत्तर पश्चिमी हिस्से में भी बारिश सामान्य के 92 फीसदी रहने की संभावना है। जबकि बाकी तीन क्षेत्रों मध्य भारत, दक्षिण और पूर्वोत्तर में 94-104 फीसदी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।