जिला प्रशासन संभावित बाढ़ को लेकर तैयारी में जुट गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को कोई परेशानी नहीं हो,इसको लेकर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के चिह्नित ऊंचे स्थलों की अंचलाधिकारियों ने भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सौंप दी है। बाढ़ के समय बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित रूप से पनाह दिलाने के लिए जिले के 22 बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से 333 ऊंचे स्थल चिह्नित किये गये हैं। इस संबंध में भौतिक सत्यापन के लिए जिले के प्रभारी मंत्री सुनील कुमार के द्वारा विगत दिनों समीक्षा बैठक में निर्देश दिया गया था। सड़क,बिजली,पेयजल और शौचालय की उपलब्धता की सौंपी है रिपोर्टबाढ़ प्रभावित क्षेत्र के चिन्हित ऊंचे स्थलों तक आवागमन के लिए सड़क है या नहीं,सड़क की स्थिति कैसी है रिपोर्ट मांगी गयी थी। ऊंचे स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था है या नहीं,इस संबंध में भौतिक सत्यापन किया गया है।बिजली व शौचालय की व्यवस्था है या नहीं,इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गयी थी। ये प्रखंड हैं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रजिले के 22 प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हैं। इसमें मोतिहारी, तुरकौलिया, सुगौली,अरेराज, रामगढ़वा, पताही,रक्सौल, पीपराकोठी, फेनहारा,मधुबन,चकिया,केसरिया,कल्याणपुर,आदापुर,छौड़ादानो,पकड़ीदयाल,संग्रामपुर,चिरैया,ढाका,बंजरिया,मेहसी व तेतरिया प्रखंड शामिल है। निजी व सरकारी नाव की है व्यवस्था संभावित बाढ़ को लेकर निजी व सरकारी नावों की व्यवस्था की गयी है। इसमें निजी नाव 354 जिसमें 200 निबंधित हैं। मोटर बोट की संख्या 8, पॉलिथीन सीट्स 45 हजार 500 की व्यवस्था की गई है ।टेन्ट की संख्या 184 ,महाजाल4 ,लाइफ जैकेट 400, इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम 1, जीपीएस सेट 7, मोटरबोट ड्राइवर सात, प्रशिक्षित गोताखोर 10 है।