सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए आयोजित होने वाले समर कैंप के लिए 26 हजार 527 शिक्षा सेवक और 30 हजार जीविका संसाधन सेवी को वोलेंटियर (स्वयंसेवक) बनाया जाएगा। इसके अलावा एनसीसी के दो हजार कैडेट्स, ‘प्रथम’ के 30 हजार, डायट के दो हजार शिक्षार्थी के साथ कई और एनजीओ के लोग स्वयंसेवक रहेंगे। ये बच्चों को गणित व भाषा का पाठ पढ़ाएंगे। इन सभी को प्रशिक्षण देने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से मास्टर ट्रेनर तैयार किये गये हैं। 30 मई तक सभी को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षक या मास्टर ट्रेनर के तौर पर जन शिक्षा के रिसोर्स पर्सन, बीईओ, जीविका और ‘प्रथम’ के लोग रहेंगे। सभी प्रखंड स्तर पर जीविका के 2670 मास्टर ट्रेनर बनाये गये हैं। इसके अलावा तीन सौ ‘प्रथम’ के शिक्षा विशेषज्ञ के साथ सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) भी शामिल रहेंगे। स्वयंसेवकों को ब्लैकबोर्ड और चॉक सेट मिलेंगे एक से 30 जून तक समर कैंप का आयोजन 534 प्रखंडों के टोला और मोहल्लों में होगा। इसके लिए सभी मध्य विद्यालय के प्राचार्य की ओर से उनके स्कूल से संबद्ध होने वाले स्वयंसेवकों को एक-एक कैलेंडर, ब्लैकबोर्ड व एक -एक डब्बा चॉक दिया जाएगा। इस पर होने वाला खर्च स्कूल अपने कंपोजिट ग्रांट से करेगा। हर स्वयंसेवक पढ़ाने के दौरान ब्लैक बोर्ड का इस्तेमाल करेंगे।
