अब राज्य के सभी जिले के अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच होगी। इसके लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। विभाग ने पहले 19 जिलों में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच करने का निर्णय लिया था जहां लिंगानुपात कम था। जांच को लेकर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग व डीएम के साथ समीक्षा बैठक की थी। इसमें पाया गया कि नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-20 के अनुसार राज्य के 19 जिलों में एक हजार लड़कों पर 900 से भी कम लड़कियां हैं। माना गया कि यहां या तो अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र चल रहे हैं या वैध केंद्रों में अवैध लिंग जांच हो रहा है। उसी बैठक के आलोक में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक की। बैठक में इन 19 जिलों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की समीक्षा की। इसमें आशंका जताई गई कि एक जिले में छापेमारी होगी तो लोग दूसरे जिलों में जाकर जांच करवा सकते हैं। ऐसे में विभाग ने तय किया कि अब राज्य के सभी जिलों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की जाए। विभाग ने सभी डीएम को कहा है कि वे युद्धस्तर पर केंद्रों की जांच करें। एक महीने के बाद विभाग जांच की समीक्षा करेगा।
