दिल्ली से आने व जाने वाली बसों में पर्व के समय यात्रियों को ठूंस कर बैठाया जाता है। बसों में यात्रा के दलालों का सहारा लेने वाले अधिक कीमत देकर यात्रा करते हैं। दिल्ली जाने के लिए मोतिहारी से किराया सीट के अनुसार एक हजार से 12 सौ रुपये यात्रियों से टिकट के नाम पर लिए जाते हैं। वहीं स्लीपर के लिए 28 सौ रुपये टिकट के नाम पर यात्रियों से चार्ज किए जाते हैं। बसों में एसी की सुविधा तो है, परंतु स्टैंड में यात्रियों को लुभाने के लिए एसी चलाया जाता है। लेकिन स्टैंड से बस खुलते ही एसी बंद कर दिया जाता है। परेशान यात्री बस व उसके ड्राइवर को सिर्फ कोसने का काम करते हैं। दिल्ली से आने व जाने के लिए जिले से रोजाना करीब एक दर्जन बसें खुलती हैं।मानक के अनुरुप किसी बस में अग्निशमन यंत्र रहता है भी किसी में नहीं भी।वहीं किसी किसी बस में दो ड्राइवर रहते हैं तो किसी में एक ही चालक रहते हैं। किसी बस में 55 व किसी में 45 सीटें हैं। यात्रियों को ठूंस कर चलने वाली बसों के बारे में बस फेडरेशन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष शोभा सिंह ने बताया कि इसे लेकर कई बार डीएम व डीअीओ को पत्र लिख शिकायत की गयी है। प्रशासन व डीटीओ के द्वारा कार्रवाई भी की गयी है। श्रीमति सिंह का कहना है कि कई बार बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।डीटीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि टूरिस्ट परमिट पर यात्री को ढोने वाले बसों से जुर्माना वसूला गया है।