मोतिहारी। शेड नेट हाउस में बेमौसम सब्जी का उत्पादन कर किसान मालामाल होंगे। परंपरागत तरीके से हो रही सब्जी की खेती से किसानों की कमाई उतना नहीं हो पाती। लेकिन इस तकनीक से बेमौसम सब्जी उगा कर किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं। इस तकनीक से खेती के प्रति जिले में किसानों में रूझान बढ़ने लगा है। किसान शेड नेट हाउस में सब्जी का उत्पादन करने के लिए सरकारी योजना का लाभ उठा रहे हैं। इस साल जिले में 6 हजार वर्गमीटर में शेड नेट हाउस लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके विरूद्ध दो किसानों को 2-2 हजार वर्ग मीटर में शेड नेट हाउस लगाने की स्वीकृति दी गयी है। इसमें तुरकौलिया व पहाड़पुर के किसान को शेड नेट हाउस के लिए जिला उद्यान विभाग ने स्वीकृति प्रदान की है। शेड नेट हाउस के लिए 75 प्रतिशत अनुदान मिलेगा: शेड नेट हाउस के लिए प्रति वर्गमीटर 710 रुपये लागत निर्धारित किया गया है। दो हजार वर्ग मीटर के लिए कुल लागत 14.20 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। इसपर 75 प्रतिशत अनुदान सरकार के द्वारा किसान को दिया जाएगा। इसके अलावा 25 प्रतिशत शेष राशि व 18 प्रतिशत जीएसटी किसान के द्वारा शेड नेट हाउस लगाने वाले कंपनी को भुगतान किया जाएगा। शेड नेट हाउस में बेमौसम कई प्रकार की सब्जियां उगायी जाएगी। इसमें शिमला मिर्च, जर्बेरा व बीज रहित खीरा की खेती से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसके अलावा डच गुलाब की खेती शेड नेट हाउस में कर किसान बेहतर कमाई कर सकते हैं। जिला उद्यान विभाग के सहायक निदेशक डॉ अमरजीत कुमार राय ने बताया कि शेड नेट हाउस से उच्च क्वालिटी के सब्जी का उत्पादन होता है। इस सिस्टम से बेमौसम सब्जी उगार सकते हैं। आधा दर्जन प्रखंडों में किसानों ने लगाया है शेड नेट हाउस जिले के करीब आधा दर्जन प्रखंडों में किसानों के द्वारा शेड नेट हाउस लगाकर बेमौसम सब्जी का उत्पादन किया जा रहा है। इसमें मोतिहारी, कोटवा, छौड़ादानो, घोड़ासहन आदि प्रखंड शामिल है। इसमें मोतिहारी प्रखंड के बासमनपुर के किसान दीपू प्रसाद ने दो हजार वर्गमीटर में विगत साल शेड नेट हाउस में शिमला मिर्च का उत्पादन कर लागत खर्च काट करीब 3.50 लाख की कमाई की है। इस साल शिमला मिर्च की खेती के लिए शेड नेट हाउस में मल्चिंग के माध्यम से शिमला मिर्च के पौधे लगाए गये हैं।