मोतिहारी।केंद्र व राज्य सरकार के भवनों और सड़कों के निर्माण में आड़े आ रही मैपिंग स्केल की समस्या से अब शीघ्र ही निजात मिलनेवाली है। इसके लिए विभागीय स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। बिहार सर्वेक्षण विभाग ने इसके लिए अंचल प्रशासन के सहयोग से प्रखंड कार्यालय के यात्री भवन परिसर में भूमि को चिह्रित कर कोर्स स्टेशन के निर्माण के लिए कार्यारंभ भी करा दिया है। जिस कार्य का जिम्मा ट्रिंबल कंपनी को मिला है। जिसे शीघ्र पूरा कर लिए जाने की संभावना है। इसके निर्माण होने से जहां एक ओर सरकारी भवनों और सड़कों के निर्माण में मैपिंग स्केल की कोई समस्या नहीं रहेगी। वहीं सरकारी भवनों और सड़कों के निर्माण में समय की बचत भी होगी। 17 फीट लंबा व 17 फीट चौड़ा जमीन में बनेगा यह स्टेशन प्रखंड कार्यालय स्थित यात्री भवन परिसर में मैपिंग स्केल कोर्स स्टेशन 17 फीट लंबा व 17 फीट चौड़ा जमीन में बनेगा। जिसके निर्माण पर करीब लाखों रुपये की लागत आएगी। क्या होगा कार्य प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत बनने वाले हर एक मैपिंग स्केल कोर्स स्टेशन के बीच की दूरी 70 किलोमीटर की होगी। इस स्टेशन में भूमि का मैपिंग स्केल किया जाएगा। जिस मैपिंग स्केल सेंटर का कंट्रोल जीआरबी देहरादून से होगा। इससे केंद्र व राज्य सरकार के भवनों और पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग एवम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तहत निर्मित होनेवाली सड़कों के निर्माण के लिए मैपिंग की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में क्या है स्थिति वर्तमान में मैपिंग स्केल की सुविधा नहीं होने से केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों के भवनों व सड़कों के निर्माण में काफी विलंब होती है। जिससे कोई भी योजना निर्माण के निर्धारित अवधि में पूरा नहीं हो पाता है। जिसके कारण सरकार को समय के साथ आर्थिक क्षति होती है। कहते हैं अधिकारी सर्वे ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर हर्षित आनंद का कहना है कि रक्सौल में मैपिंग स्केल कोर्स स्टेशन लगाने की सरकार की योजना है। इसके तहत निर्माण कार्य आरंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।