बिहार राज्य के ज़िला मुजफ्फरपुर से हमारी श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रही है कि प्रखंड क्षेत्र में जल जीवन हरियाली योजना के तहत कुँआ के जीर्णोद्धार नही हो रहा है। साथ ही बता रही है कि केवल कुँआ के दीवार को बाहर से रंग रोगन कर स्लोगन लिखा जा रहा है। वही ऊपर से एक बाल्टी लटका दी जा रही है। सच्चाई यह है कि कुँआ पूरी तरह मिट्टी व कचरे से भरा हुआ है। उसमें एक बूंद पानी नही है। इन कुँओ के पास प्यास बुझाने जाने वाले लोग प्यासे ही लौट आते है। पशु पक्षी को भी पानी की बूंद नही मिल पाती है।