परसौनी। काली मंदिर के संत नरेंद्र दास महात्यागी का सोमवार की रात्रि 10:18 बजे असामयिक निधन हो गया। मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। शनिवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी। उन्हें बेहतर इलाज के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज मुजफ्फरपुर ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार की रात्रि उनका निधन हो गया। निधन की जानकारी होते ही संत समाज और प्रखंडवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। 45 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मंदिर में रखा गया था। मंगलवार की सुबह अंतिम यात्रा काली मंदिर प्रांगण से परसौनी मुख्य चौक, शंकर मंदिर, बेलसंड रोड हनुमान मंदिर, रिगा रोड बलहा मुसहरी हनुमान मंदिर के रास्ते पुनः बलहा होते हुए काली मंदिर पहुँची। जहां उन्हें समाधि के लिए ले जाया गया। स्वर्गीय नरेंद्र दास महात्यागी मूल रूप से बथनाहा प्रखंड के बदूरी गांव थे। स्व त्यागी बचपन से ही घर त्याग कर, साधुओं की सेवा व भगवान के भजनों में अटूट आस्था के कारण प्रखंड स्थित बलहा मोड़ के पास शक्ति का आराधना करते थे। वे बेलसंड विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे। स्व संत नरेंद्र दास महात्यागी के असामयिक निधन पर स्वामी सहजानंद सरस्वती विचार मंच के जिला संयोजक, सीतामढ़ी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सह अधिवक्ता श्रीनिवास कुमार मिश्रा ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया है। उन्होंनो ने कहा कि इनके निधन से जिला में एक सामाजिक, राजनीतिक व संत स्वभाव के निर्मल व्यक्तित्व का कमी हमेशा महसूस किया जाएगा। इनके निधन पर जेडीयू नेता ठाकुर धर्मेंद्र सिंह, भाजपा नेता रवि जायसवाल, बसंत कुमार उर्फ चुम्मन, हेमंत कुमार, संत श्याम बिहारी दास, चंदन मिश्रा, पवन उपमन्यु, महंत दिनकर नारायण सिंह, राजनारायण दास, ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ प्रसन्न कुमर, डॉ नीरज कौशल, प्रवीण कुमार शाही, अधिवक्ता कौशलेंद्र मोरसंद, शैलेश सिंह, दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश कुमार सिंह नरेश, पंकज चौधरी, राम नरेंद्र शर्मा, मनीष कुमार सिंह समेत आदि ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।