शिवहर में खादी भंडार की दुकान एवं ग्रामों उद्योग बदहाल स्थिति में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को धराशाही करता खादी ग्रामोद्योग शिवहर शिवहर-भारत की स्वतंत्रता आंदोलन में खादी वस्त्रों का बहुत ही महत्व रहा है ।राष्ट्रपिता बापू ने 1920 के दशक में गांव को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खादी ग्रामोद्योग को प्रचार-प्रसार पर जोर दिया था। एक समय खादी वस्त्रों की पहनने की होड़ लगी थी पर अब जिले की एकमात्र खादी भंडार में खादी वस्त्रों की ही देखा जा सकता है ,ऐसे में बापू के सपना कैसे पूरा हो सकता है।