*राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया गया ---------------------------------- बिशनपुर किशन देव दुग्ध शीतक केंद्र के सभागार में तिरहुत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड मुजफ्फरपुर के द्वारा मनाया गया -------------------------------- शिवहर-----भारत में श्वेत क्रांति के जनक डॉ वर्गीज कुरियन के जन्मदिवस पर तिरहुत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड मुजफ्फरपुर के तत्वधान में शिवहर जिले के दुग्ध शीतक केंद्र बिशनपुर किशुनदेव के सभागार में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया गया है। शिवहर दुग्ध शीतक केंद्र के प्रभारी सत्यनारायण राय, पथ पर्यवेक्षक मुरारी बाबू, मंजय झा, संतोष कुमार सहित कई सदस्यों ने दीप प्रज्वलन कर राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया है। उक्त अवसर पर कृत्रिम गर्भधान कर्मचारी, दुग्ध शीतक केंद्र के सचिव, अध्यक्ष एवं किसान आदि मौजूद थे। दुग्ध शीतक केंद्र के प्रभारी सत्यनारायण राय ने अपने संबोधन में कहा है कि श्वेत क्रांति के जनक डॉ वर्गीज कुरियन के जन्म दिवस के अवसर पर प्रति वर्ष की भांति इस बार भी राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया है। कार्यक्रम का थीम था कि दुधारू पशुओं में उत्पादन वृद्धि करना , जिले में 165 समितियां संचालित है जिसका पति रोज दूध संग्रहण 10000 लीटर किया जाता है। जबकि पथ पर्यवेक्षक मुरारी बाबू ने कहा है कि शिवहर जिले में 10 हजार सदस्य जुड़े हुए हैं। पशुपालन से बढ़कर काम नहीं है दूजा, रामकृष्ण भी करते थे गौ माता की पूजा। स्वस्थ पशु खुशहाल किसान सुधा डेयरी का यही है वरदान। उन्होंने बताया है कि शिवहर जिले में दूध को ठंडा करने तथा दूध की गुणवत्ता को बचाने को लेकर देकुली धर्मपुर गांव में ब्लॉक कूलर चलता है जिसमें 5000 लिटर दूध का भंडारण एवं संग्रहण की जाती है जिससे दूध की गुणवत्ता की जो कठिनाइयां थी वह दूर हो गई है। गौरतलब हो कि डॉ वर्गीज कुरियन ने भारत को दुनिया का सर्वाधिक दूध उत्पादक देश बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। वर्गीज कुरियन को भारत के ऑपरेशन फ्लड की वजह से जाना जाता है ।कुरियन की अगुवाई में चले ऑपरेशन फ्लड के कारण ही अपना देश दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बना । भैंस के दूध से पहली बार पाउडर बनाने का श्रेय भी कुरियन को जाता है उन दिनों दुनिया में गाय के दूध से मिल्क पाउडर बनाया जाता था ।अमूल के सफलता का एक महत्वपूर्ण कारण यह भी था। अवसर पर उपस्थित दुग्ध शीतक केंद्र शिवहर के अध्यक्ष ,सचिव, किसान के साथ कृत्रिम गर्भधान कर्मचारी आदि मौजूद थे।