*भारतीय संविधान दिवस पर जिले वासियों को दी बधाई ---------------------------------- सामाजिक कार्यकर्ता अजबलाल चौधरी ,शिक्षक संघ के अध्यक्ष शंकर सिंह सहित शिक्षक नवनीत कुमार आदि ने बैठक कर भारतीय संविधान के प्रति की आस्था व्यक्त ----------------------------- शिवहर----भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सह पूर्व जिला परिषद सदस्य अजब लाल चौधरी ने शिवहर जिले वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि संविधान दिवस भारत गणराज्य का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ,तथा नवंबर 2015 से संविधान दिवस मनाया जाने लगा। श्री चौधरी ने बताया है कि भारत के संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 26 नवंबर 1949 को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया गया था भारत के संविधान निर्माता के रूप में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को जाना जाता है ।उन्होंने बताया है कि डॉ आंबेडकर ने भारतीय संविधान के रूप में दुनिया का सबसे बड़ा संविधान तैयार किया है यह दुनिया के सभी संविधानों को परखने के बाद बनाया गया। पूर्व जिला पार्षद श्री चौधरी ने भारतीय संविधान को सशक्त संविधान बताते हुए कहा है कि देश के चार स्तंभ न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधायिका और मीडिया को अपने अधिकार और कर्तव्य का पालन देश हित में करने का अनुरोध किया है। श्री चौधरी ने बताया है कि जिसमें 448 अनुच्छेद 12 अनुसूचियां और 94 संशोधन है यह हस्तलिखित संविधान है जिसमें 48 आर्टिकल है इसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने 17 दिन का वक्त लगा था। विचार व्यक्त करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव शंकर सिंह ने कहा है कि भारतीय संविधान देश का वह संविधान है जो 26 जनवरी 1950 को इसे लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया ।इसके लिए 29 अगस्त 1947 को ही भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति की स्थापना की गई थी और इसके अध्यक्ष के तौर पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की नियुक्ति हुई थी। जबकि शिक्षक नवनीत कुमार सिंह ,शिक्षक सुधीर कुमार सिंह, मोहम्मद सरफुद्दीन ,मोहम्मद जमरूद्दीन में विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि संविधान सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया था ।वहीं 1934 में संविधान सभा की मांग की गई थी जो कम्युनिस्ट पार्टी के एक नेता एमएन राय ने सबसे पहले इसे विचार को प्रस्तुत किया था तथा इसे कांग्रेस पार्टी ने उठाया और अंत में 1940 में इस मांग को भी सरकार ने स्वीकार कर लिया था। जबकि संविधान सभा के पहले अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा थे।
