जिला शिवहर पिपराही प्रखंड के कुअमा मे लाखों की लागत से बने उप स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल रही है। इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर कोई डॉक्टर नही है,न ही एएनएम है,लोगों को उप स्वास्थ्य केंद्र बनाकर छलने जैसा महसूस हो रहा है। लगभग 5 से 7 कट्ठा जमीन में बने इस उप स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ ग्रामीणों का कब्जा हो गया है। भवन परिसर में भूसा रखकर जंगल बना हुआ है,भैंस बांधकर लोग इस पर अपना कब्जा जमाए हुए हैं। बालू एवं गिट्टी रखकर कब्जा जमा लिया है। डॉक्टर नहीं रहने के कारण इलाके के लोगों का छोटी-छोटी बीमारियों में शिवहर एवं सीतामढ़ी का चक्कर लगाना पड़ता है। वही दवा के लिए दूर जाकर लेना पड़ता है। आपको बता दें कि 1995 में तत्कालीन शिवहर के विधायक बिहार सरकार के मंत्री स्व रघुनाथ झा के अथक प्रयास से इस उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करवाया गया था। निर्माण के बाद कुछ दिन तक तो डॉक्टर यहां बैठे एएनएम का बहाली हुई थी, मगर लगभग दो-तीन वर्षों से उप स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर नही हैं। जिसके कारण उप स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ लोगों का कब्जा हो गया है। ग्रामीण विजय राय ने बताया है कि यह भवन सिर्फ देखने के लिए अस्पताल है यहां किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है। जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह से अनुरोध है किया गया है कि यहां डॉक्टर की बहाली करें एवं दवा उपलब्ध करावे ताकि ग्रामीण एवं इलाके के लोगों को इसका लाभ मिल सके। *क्या कहते हैं पंचायत के मुखिया* ---------------- पंचायत के मुखिया शबनम सिंह के द्वारा बताया गया कि इतने बड़े भवन बनने के बावजूद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा यहां डॉक्टर एवं दवाई उपलब्ध करवाया जाता तो कुअमा पंचायत के साथ साथ आसपास के कई पंचायत के लोगों को इसका लाभ मिलता। मैने जिलाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दिया है, कि यहां डॉक्टर की बहाली हो ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए दूर नहीं जाना पड़े।
