कारोना संक्रमण के बीच लोगों को मलेरिया से बचाव को जिला स्वास्थ्य समिति पूरी तरह तत्पर है। इससे बचाव के लिए विभाग के द्वारा सभी पीएचसी में क्लोरोक्वीन दवाईंया, मलेरिया किट, री एजेंट की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गयी है। ये बातें जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविन्द्र कुमार यादव ने शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा कि भारत में 25 अप्रैल को मलेरिया दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण को लेकर हम एक जगह एकत्रित तो नहीं हो रहे। पर लोगों को सोशल मीडिया, पंपलेट और अन्य माध्यमों से लोगों तक मलेरिया से बचने के लिए संदेश दे रहे हैं। यद्यपि उत्तर बिहार मलेरिया का प्रकोप उस तरह का नहीं है जिस तरह दक्षिण बिहार के पांच जिले प्रभवित हैं। फिर भी एहतियातन विभाग मलेरिया से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। इसे लेकर हमारी तैयारी भी पूरी है। प्रत्येक पीएचसी में मलेरिया के कारण लक्षण से संबंधित पर्चे भी बांट दिये गये हैं। संक्रामक रोग है मलेरिया: मलेरिया रोग भी संक्रामक रोग की श्रेणी में आता है। यह मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। इसके काटने से प्लाज्मोडियम नाम का परजीवी मनुष्य के अंदर प्रवेश कर जाता है। इस बीमारी से बचने का सबसे बेहतर उपाय है सफाई। इसलिए कोविड को लेकर भी अभी गांव से लेकर शहर तक सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है।