उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के उल्टा गेट बाहर से हसीना मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो पैकिंग का काम करना चाहती है । इसके लिए मदद की जरूरत है।

उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला से अनुराग केसरी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि उनका फास्ट फूड का बिजनेस है। इसे और आगे बढ़ाने के लिए उन्हें लोन की जरूरत है

उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के बड़ागांव प्रखंड से रामवती मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो सिलाई मशीन सीखना चाहती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के बड़ागांव प्रखंड से लक्ष्मी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो बकरी पालन करना चाहती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के बड़ागांव प्रखंड से भावना कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि उन्हें सिलाई का प्रशिक्षण लेना है।

उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के बड़ागांव प्रखंड से संगीता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो सिलाई का कार्य सीखना चाहते है।

झांसी के विकासखंड चिरगांव में डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के सहयोग से उद्यमी मेले का आयोजन किया गया। मेले में ब्लॉक और जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। खास आकर्षण वे महिला उद्यमी रहीं, जो अपने-अपने उत्पाद लेकर मेले में पहुंचीं और उन्हें बाजार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किया। डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स की ब्लॉक फील्ड कोऑर्डिनेटर नेहा पांडे के अनुसार, कार्यक्रम में लगभग 200 से 250 महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने अपने उत्पादों को स्टॉल पर प्रदर्शित किया और उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाने तथा स्थानीय स्तर पर बाजार विकसित करने की संभावनाओं पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम में यूपीएसआरएलएम को लीड कर रहे सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने महिला उद्यमियों के प्रयासों की सराहना की और उनके काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने मंच से झांसी मोबाइल वाणी और अनिसुर रहमान का नाम लेते हुए डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के साथ मिलकर ग्रामीण समुदायों के बीच जागरूकता फैलाने में उनके योगदान की सराहना की। मेले में झांसी मोबाइल वाणी की टीम ने भी अपना स्टॉल लगाया। यहां पहुंचने वाली महिलाओं से उनके व्यवसाय, उत्पादों और बिजनेस आइडिया के बारे में बातचीत की गई और कई महिलाओं के बिजनेस आइडिया रिकॉर्ड किए गए। इसका उद्देश्य महिलाओं की उद्यमशीलता की कहानियों और उनके अनुभवों को व्यापक स्तर पर सामने लाना था। इसके अलावा झांसी मोबाइल वाणी की टीम ने कार्यक्रम के दौरान पांच इंटरव्यू भी रिकॉर्ड किए। इनमें प्रोजेक्ट के पार्टनर्स, टीम से जुड़े सदस्यों और परियोजना से लाभान्वित हो रही महिलाओं के अनुभव शामिल रहे। इन बातचीत के माध्यम से यह समझने की कोशिश की गई कि परियोजना ने महिलाओं को अपने व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ाने में किस तरह सहयोग दिया है। उद्यमी मेला न केवल महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच बना, बल्कि उन्हें बाजार, पहचान और नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। मेले में महिलाओं की भागीदारी ने यह दिखाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अपने हुनर और छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के बड़ागांव प्रखंड से धनवंती कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि उन्हें ब्यूटिशियन का कोर्स करना है।

उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के बड़ागांव प्रखंड से लीलावती कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि उन्हें सिलाई मशीन लेना है

उत्तरप्रदेश राज्य के झाँसी ज़िला के बड़ागांव प्रखंड से ममता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि उन्हें सिलाई का कार्य सीखना है।