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आज हम वेदों के बारे में आपको बताएंगे वेद चार प्रकार के होते हैं ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद।

अल्जाइमर फास्ट फूड और मीट से बढ़ता है।

यूपी कौशल विकास अब खुद शुरू करेगा कौशल विकास

भारतीय नौ वाहन निगम लिमिटेड में 143 पद विभिन्न पदों के रिक्त हैं।‌

बिजली विभाग के मनमानी से लोग परेशान हैं।‌

कोलंबस इंटरनेशनल स्कूल सिसवार में 10-12वीं के छात्रों के प लिए एक दिवसीय कॅरियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन आठ दिसंबर को किया गया है। इसमें देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, प्रोफेसर उच्च कोटि के काउंसलर सपन साहनी छात्रों के कॅरियर विषय पर सेमिनार द्वारा छात्रों की काउंसिलिंग करेंगे। इसकी नि जानकारी प्रिंसिपल आरपी पांडेय ने दी है।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने के लाख दावे किए जाएं पर हकीकत कुछ और ही है। कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में अध्यनरत छात्राओं के रहन सहन, खान पान और शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, बावजूद इसके समुचित लाभ छात्राओं को ससमय नहीं मिल पा रहा है। शासन की योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए जिम्मेदार कितने लापरवाह है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आठ माह बाद भी छात्राओं को स्टेशनरी नहीं मिल पाई है। नियमानुसार सत्र शुरू होने से पहले कस्तूरबा विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं के लिए कॉपी, पेंसिल, इरेजर, टेस्ट कॉपी सहित अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था हो जानी चाहिए। दुर्व्यवस्था का आलम यह है कि अब तक इसकी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं की जा सकी है। ऐसी स्थिति में कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों की छात्राएं फटी पुरानी या अपने स्तर से कापियों की व्यवस्था कर लिखने पढ़ने को मजबूर हैं। हैरत की बात तो यह है की टेंडर प्रक्रिया अधर में लटकने की वजह से ब्लैक बोर्ड पर लिखने के लिए चाक तक की व्यवस्था शिक्षकों को स्वयं के स्तर से करनी पड़ रही है। बावजूद अधिकारी ऑल इज वेल बताकर एक दूसरे की पीठ थपथपाने में लगे हैं।

शिक्षा क्षेत्र पंदह के बीईओ अनूप गुप्ता ने पत्र जारी कर सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति को 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य कर दिया है। बीईओ ने कहा कि इससे कम उपस्थिति पाए जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक को जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसी स्थिति में उनका वेतन भी बाधित किया जा सकता है। विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान अधिकांश विद्यालयों में नामांकन से सापेक्ष छात्र उपस्थिति काफी कम पाई जा रही है। लिहाजा उपस्थिति संख्या में सुधार करना है। बीईओ ने विद्यालय नहीं आने वाले या कम आने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर सुधार करने का निर्देश दिया है। साथ ही डीबीटी और आधार सीडिंग के पेंडिंग को भी द्रुत गति से पूरा कराने का आदेश दिया है।