पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए भारतीय रेलवे में एडीआरएम के पद पर मुरादाबाद में कार्यरत जिले के दुगोला गांव निवासी निर्भय नारायण सिंह ने प्राकृतिक संरक्षण के प्रति जन जागरण लाने के उद्देश्य से पौधरोपण अभियान के तहत पौधारोपण किया।
रवि में सबसे अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की बुवाई होती है। अब गेहूं की बुवाई शुरू हो चुकी है लेकिन किसानों को खाद्य बीज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सहकारी समितियां पर भी उर्वरक नहीं मिल पा रहा है कई केंद्र बंद पड़े हैं।
सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को लर्निंग लैब के रूप में विकसित करने का दावा कर रही है। वहीं नगरा ब्लॉक में अधूरे आंगनबाड़ी भवन भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहे हैं। खंदवा और नरहीं मेहरांव का आंगनबाड़ी भवन 8 वर्ष बाद भी पूरे नहीं हो सके। इन अधूरे भवनों पर न तो किसी जनप्रतिनिधि का ही ध्यान है न ही उच्चाधिकारी ही संवेदनशील हैं। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन सपा सरकार के एक विधायक के अत्यंत नजदीकी ठेकेदार ने दोनों भवनों को बनाना शुरु किया था।
जिले में सरकारी भवनों का निर्माण करोड़ों की लागत से होगा जिसकी स्वीकृत ग्रामीण अभियंत्रण विभाग से हो गई है।
पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सैकड़ो की संख्या में पौधे लगाए गए।
परिषदीय विद्यालय में स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए।
बीपीएससी की परीक्षा पास करने वाले कई अध्यापकों ने अपना त्यागपत्र दे दिया है।
क्षेत्र के अखोप ग्राम में चकबंदी को लेकर हुई खुली बैठक में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों के हो-हल्ला मचाने पर चकबंदी अधिकारी शिवशंकर सिंह ने ग्रामीणों की कम संख्या में उपस्थित बताकर बैठक निरस्त कर दिया। साथ ही आगामी 18 दिसंबर को फिर से बैठक की तिथि निश्चित कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी। सीओ चकबंदी शिवशंकर सिंह ने बताया कि अखोप में चकबंदी की प्रक्रिया शुरू होनी है। ग्राम में करीब 650 काश्तकार हैं। खुली बैठक की सूचना समय से प्रधान द्वारा ग्रामीणों को नहीं दिए जाने के कारण काश्तकारों की उपस्थिति कम रही।
परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं अब आपदा प्रबंधन के गुर सीखेंगे। किसी प्रकार की आपदा आने पर छात्र एक-दूसरे की मदद करेंगे। इसके लिए स्कूलों का चयन कर प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कराने की तैयारी तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर एजेंसी का चयन किया जाएगा। यह एजेंसी सभी विद्यालयों में इस कार्यक्रम को लागू कराएगी। बेसिक शिक्षा परिषद के 2249 परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन के तौर तरीके बताए जाएंगे। चयनितं एजेंसी जिले के प्रशिक्षकों को तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण देगी। वि प्रशिक्षित अध्यापक चयनित किए प गए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करेंगे।
एलयू में आज से होगी विभिन्न केंद्रों पर परीक्षाएं।
