सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को लर्निंग लैब के रूप में विकसित करने का दावा कर रही है। वहीं नगरा ब्लॉक में अधूरे आंगनबाड़ी भवन भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहे हैं। खंदवा और नरहीं मेहरांव का आंगनबाड़ी भवन 8 वर्ष बाद भी पूरे नहीं हो सके। इन अधूरे भवनों पर न तो किसी जनप्रतिनिधि का ही ध्यान है न ही उच्चाधिकारी ही संवेदनशील हैं। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन सपा सरकार के एक विधायक के अत्यंत नजदीकी ठेकेदार ने दोनों भवनों को बनाना शुरु किया था।