"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ प्याज की रोपाई से पूर्व मिट्टी तैयार करने के बारे में जानकारी दे रहे है । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
यह नौकरी उनके लिए है जो निशा टूर एंड ट्रेवल्स से जुड़कर फैक्ट्री हैंड लेबर के पद पर कार्य करना चाहते है। इस पद पर नौकरी करने का कार्यस्थल वाराणसी उत्तरप्रदेश होगा। न्यूनतम 10वीं पास फ्रेशर और अनुभवी व्यक्ति इस पद के लिए आवेदन कर सकते है। इस पद पर व्यक्तियों का चयन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। चयनित व्यक्ति को उनके कार्यदक्षता अनुसार प्रतिमाह 8 ,086 रूपए से 32,774 रूपए वेतन दिया जाएगा। साथ ही हेल्थ इन्शुरन्स की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस पद पर काम करने वाले व्यक्तियों को शिफ्ट के अनुसार काम करने की सुविधा दी गई है। इच्छुक व्यक्ति कंपनी के इस नंबर पर संपर्क कर इस पद से संबधित अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।संपर्क करने का नंबर है : 8576094737 .
भारतीय पुलिस व्यवस्था अंग्रेजों की देन है लेकिन उसके बाद बनी व्यवस्था और संस्थाएं, यहां की जरूरत के हिसाब से बनाई गईं। इन सभी का काम था कि अपराधों को रोकना और अपराधियों को पकड़ कानून के समक्ष पेश करना। इनको बनाने के पीछे के उद्देश्य अच्छा था, लेकिन हर बीतते दिन के साथ उजागर होते इनके कारनामे, अफसोस करने पर मजबूर करते हैं कि इनको बनाया ही क्यों गया, टेक्स देने वालों के पैसे की इस तरह बर्बादी क्यों? इन्हें काम अपने तो मालिकों के इशारे पर करना है, बजाए इसके जिसके लिए उन्हें बनाया गया है।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जीवदास साहू मटर की खेती के बारे में जानकारी दे रहे है । मटर की खेती के लिए अच्छे बीज,खाद सहित अन्य जानकारियों के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ अरहर की फसल में उकटा रोग की करें निगरानी के बारे में जानकारी दे रहे है । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ आलू फसल लगाने से पूर्व तैयार कर ले खेत के बारे में जानकारी दे रहे है । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
दोस्तों, बीते कुछ सालों में भारत के हर शहर में स्कूलों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि एडमिशन का फैसला लेना आसान नहीं होता है. हर कोई अपने स्कूल को बेस्ट दिखाने की होड़ में लगा हुआ है. इस वजह से किसी भी स्कूल में बच्चे का एडमिशन करवाने से पहले माँ-बाप को कई स्तरों पर गहरी खोज बिन करनी पड़ती है. लेकिन ये खोज बिन या पड़ताल करते है शहर में रहने वाले माँ बाप। गाँव आज भी हमारे नक़्शे से गायब है या फिर मनोज कुमार की फिल्मो के जरिए हम गाँव को गाँव की तरह खोजने की कोशिश में लगे हुए है। क्या आपने कभी वोट देने अपने नुमाईंदों से पूछा है कि आपके क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति ऐसी क्यों है ? बच्चे जो आपके भविष्य है उनके भविष्य का क्या होगा ? या किसी भी पार्टी को वोट देने से पहले आपको अपने बच्चे के भविष्य को लेकर यह ख़्याल आता है ? बात साफ़ है कि कम्पनियों के सरकारों के प्रवक्ता आपको इस और सोचने ही नहीं देंगे। वो चाहते है कि आप उनका झंडा उठाये, टोपी पहले और भीड़ में शामिल होकर एक-दूसरे पर चिल्लाते रहे और वो अपने बच्चों को विदेशो में पढ़ाते रहे । याद रखिए जो सरकार या पार्टी आपका या आपके पारवार कहा भविष्य खराब कर रहा है वो देश का अच्छा कैसे कर सकता है , उनके केंद्र में आप नहीं हैं तो देश भी नहीं होगा ? खैर.. ये तो आपके निर्णय की बात है तब तक, आप हमें बताइए कि ***** आपके गाँव या क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कैसी है ? ***** वहां के स्कुल कितने शिक्षक और शिक्षिका आते है ? ***** साथ ही आपके बच्चों को या अन्य बच्चों को आपके गाँव के स्कूलों में किस तरह की शिक्षा मिल रही है ?
अमेठी जिले में गौरीगंज जिला मुख्यालय पर उतर प्रदेश के राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने डीपीआरसी भवन में मेरी माटी मेरा देश अमृत कलश यात्रा के अंतर्गत वंदनोतसव के आयोजन में भाजपा जिलाध्यक्ष राम प्रसाद मिश्रा के साथ शामिल होकर दीपक जलाकर अमृत कलश यात्रा के कार्यक्रम का शुभारंभ किया उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के साथ गरीब कल्याण योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए पत्रकार वार्ता भी की इस मौके पर जिले के डीएम राकेश कुमार मिश्रा, डीपीआरओ श्रीकांत यादव, मुख्य विकास अधिकारी सहित भाजपा नेता और अधिकारी मौजूद रहे।
दोस्तों किसी शायर ने क्या खूब कहा है? न रोने की वजह थी, न था हंसने का बहाना. खेल खेल में कितना कुछ सीखा, कितना प्यारा था वो बचपन का ज़माना. काश, लौट आए फिर से वो कल सुकून भरा बचपन मनाएं हर पल. सच में कितने मज़ेदार थे ना वह बचपन के दिन? चलिए एक बार फिर से उन्हीं दिनों को जीने की कोशिश करते हैं अपने बच्चों के संग उनके बचपन को एक त्यौहार की तरह मनाते हुए हंसते हुए, खेलते हुए, शोर मचाते बन जाते हैं उनके दोस्त और जानने की कोशिश करते हैं इस बड़ी सी दुनिया को उनकी नन्ही आंखों से और बचपन के उन प्यारे जनों को याद करने में आपका साथ देंगे बचपन बनाओ और मोबाइल वाणी की टीम .घर और परिवार ही बच्चों का पहला स्कूल है और माता पिता दादा दादी और अन्य सदस्य होते हैं उनके दोस्त और टीचर हो. साथ में ये भी कि बच्चों के दिमाग का पचासी प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है. तो अगर ये कीमती साथ हमने गवा दिए. तो उनके भविष्य को उज्जवल बनाने का मौका हम खो देंगे. अब यह सब कैसे सही रखें? इसके लिए आपको सुनने होंगे हमारे आने वाले एपिसोड तब तक आप हमें बता सकते हैं कि किस तरह के देखभाल से बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास सही रह सकता है. इससे जुड़ा अगर आपका कोई सवाल है या कोई जानकारी देना चाहते हैं तो रिकॉर्ड करने के लिए फोन में अभी दबाएं नंबर 3 . सुनते रहिए कार्यक्रम बचपन मनाओ, बढ़ते जाओ.
अमेठी में बृहस्पतिवार को तिलोई ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि मुन्ना सिंह ने मेरा देश मेरीमाटी मेरा अभियान के अंतर्गत ब्लाक परिसर में एक वाहन जो फूल मालाओं से सजा हुआ था जिसको हरी झंडी दिखाकर रवाना किया इस मौके पर तिलोई ब्लाक के खंड विकास अधिकारी सहित तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
