"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ जीव दास साहू ,ज्वार के फसल के लिए मिट्टी एवं बीज का चयन और बीज शोधन की जानकरी दे रहे हैं। ज्वार के फसल से जुड़ी कुछ बातें किसानों को ध्यान में रखना ज़रूरी है। इसकी पूरी जानकारी सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने लीलावती देवी से साक्षात्कार लिया।लीलावती देवी ने बताया कि महिलाओं को अच्छा ज़िन्दगी जीने के लिए मेहनत करना चाहिए।महिला मेहनत करेगी तो आगे बढ़ पाएगी। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने लीलावती देवी से साक्षात्कार लिया।लीलावती देवी ने बताया कि महिलाओं को जमीन पर अधिकार मिलना चाहिए। जमीन में खेती कर के बाल-बच्चों को पढ़ना और खिलाना चाहिए। परिवार को आगे बढ़ाना चाहिए ,विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने गुड्डी देवी से साक्षात्कार लिया।गुड्डी देवी ने बताया कि महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। भूमि अधिकार मिलने पर महिला खेती करेंगी,बच्चों की परवरिश करेंगी और उन्हें शिक्षित करेंगी। भविष्य उज्जवल करेंगी। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से मोबाइल वाणी संवाददाता की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। यह कहती है कि जमीन का अधिकार इन्हे मिलेगा तो ये जमीन में खेती करेंगी
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सरिता देवी से साक्षात्कार लिया।सरिता देवी ने बताया कि जमीन पर अधिकार मिलने पर ये फसल उपजाएंगी और बच्चों को पढ़ा-लिखा कर योग्य बनाएंगी। मगर हक़ मिलेगा तभी ये संभव हो पाएगा। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने गुड्डी देवी से साक्षात्कार लिया।गुड्डी देवी ने बताया कि महिलाओं को जमीन में हक़ मिलना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो खेती-बाड़ी करेंगी और बच्चों को शिक्षा देकर योग्य बनाएंगी। मगर जमीन का अधिकार पाने के लिए सशक्त और मजबूत होना बहुत जरुरी है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा मक्का फसल की बुवाई के बारे में जानकारी दे रहे हैं । विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
दोस्तों, भारत में केवल 28 प्रतिशत महिलाओं को जमीन में हिस्सेदारी मिली हुई है। खेतीहर भूमि में तो यह और भी कम महज 11 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी है। जबकि खेती का 80 प्रतिशत काम महिलाओं के द्वारा ही किया जाता है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जमीन पर अधिकारों तो दूर की बात है, महिलाओं को किसान ही नहीं माना जाता है। ग्राणीण इलाकों में किसान के तौर अभी भी पुरुषों की पहचान बनी हुई है। *------ महिलाओं को अधिकार न दिये जाने के मसले पर आप क्या सोचते हैं, *------ क्या आपको भी लगता है महिलाएं अभी भी पिछ़ड़ी हुई हैं? या फिर वह अभी भी स्वतंत्र निर्णय ले पाने की स्थिति में नहीं ले सकती हैं। *------ महिलाओं को भूमि अधिकार मिलने से उनके जीवन स्तर और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में क्या सुधार हो सकता है? *------ महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों के राह में क्या -क्या बाधाएं हैं और इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है? *------ महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए क्या- क्या तरीके प्रभावी हो सकते हैं?
