सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
यह कार्यक्रम मौसम में आ रहे बदलावों और उनसे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाले प्रभावों पर केंद्रित है। इसमें बारिश के अनिश्चित पैटर्न से उत्पन्न चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में यह भी बताया जाएगा कि कैसे ये बदलाव किसानों से लेकर शहरी नागरिकों तक, सभी के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। आपने और आपके आसपास के लोगों ने बदलते बारिश के पैटर्न के बारे में क्या अनुभव किया है? क्या आपको या आपके जानने वालों को इससे कोई चुनौती झेलनी पड़ी है?
कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा निकाली गयी स्टेनोग्राफर ग्रेड सी और डी के 2006 पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी भी बोर्ड से इंटरमीडिएट पास किया हो , इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://www.sarkariresult.com/ssc/ssc-stenographer-2024/ याद रखिए इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 17/08/2024 है ।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा धान की फसल में रोपाई के बाद उर्वरक प्रबंधन से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
बिहार राज्य के जिला औरंगाबाद से सलोनी कुमारी, मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ना होगा। हमारे समाज को यह बात बताना होगा कि जिस तरह से पुरुष है उसी तरह से महिलायें है। महिलाओं को उतना ही हक़ है जितना पुरुष को है। महिला को जागरूक होना पड़ेगा। लड़का और लड़की दोनों को एक ही तरह का भोजन मिलता है और एक समान ही कपड़ा दिया जाता है और एक ही तरह के स्कूलों में पढ़ाया जाता है, लेकिन कुछ घरों में बदलाव आ जाता है। लड़कों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाया जाता है और लड़कियों को सरकारी स्कूलों में भेजा जाता है। लेकिन दोनों को एक समान माना जाना चाहिए।
बिहार राज्य के जिला औरंगाबाद से सलोनी कुमारी, मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि महिलाओं को समाज न्याय दिलाता है और किसी भी हक़ के लिए लोग कहते है कि महिला को हक़ मिलना चाहिए। मीडिया का महिलाओं को हक़ दिलाने में बड़ा योगदान है। नागरिक लोग भी महिला को हक़ दिलाने में योगदान देते है।
बिहार राज्य के जिला औरंगाबाद से सलोनी कुमारी, मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि पुरुषों और लड़कों को महिलाओं के समाज के प्रति इस तरह से बढ़ावा दिया जाना चाहिए कि महिलाएं आगे बढ़ें। और अगर पुरुष किसी भी काम में महिलाओं का समर्थन करते हैं, तो महिलाएं अच्छी प्रगति करती हैं और उस महिला को अधिक प्रोत्साहन मिलता है कि हम इतना काम कर रहे हैं, तो हमें पुरुष के दवाराअच्छा कहा जाता है, फिर आगे बढ़ने का अधिक साहस होता है और महिलाएं और आगे बढ़कर कुछ करती है ।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने जानकारी दी की कुछ महिला अपनी बेटियों को जमीन पर अधिकार देना चाहती हैं। लेकिन कुछ महिला आज भी अपनी बेटी को संपत्ति में हिस्सा देना जरुरी नहीं समझती हैं
बिहार राज्य के जिला औरंगाबाद से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनीता देवी से हुई। अनीता देवी यह बताना चाहती है कि कुछ कामों में पुरुषों को महिला का मदद करनी चाहिए जिससे महिला आगे बढ़ सकती है। महिला और पुरुष में भेद भाव नहीं होना चाहिए क्योंकि आज महिला बहुत आगे है। महिला पढ़ - लिख कर विकाश कर रही है।
बिहार राज्य के जिला औरंगाबाद से सलोनी कुमारी, की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से प्लासी देवी से हुई। प्लासी देवी यह बताना चाहती है कि पुरुष को महिला का मदद करनी चाहिए उनको आगे बढ़ाने के लिए। अगर पुरुष महिला की मदद करेंगे तो वह अच्छा बिज़नेस कर सकेगी।
