बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से शिवकुमारी देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से संजना कुमारी से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं की भूमि अधिकार सिमित है। और यह स्थिति महिलाओं के विकास को रोकती है। महिलाये बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन में लगी रहती है। इसलिए महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलना चाहिए
यह एपिसोड बदलते मौसम और असामान्य बारिश के कारण कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले विभिन्न प्रभावों की व्यापक चर्चा करता है। फसल उत्पादन, मिट्टी की गुणवत्ता, पानी प्रबंधन और किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का विस्तृत विवरण दिया गया है। साथ ही, इन चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों द्वारा अपनाए जा रहे समाधानों और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है।
दोस्तों, राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट के अनुसार एक महिला अभी भी 2.5 किमी तक पैदल चलकर जाती हैं ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अपने परिवार के लिए पीने का पानी लाने में औसतन दिन में 3-4 घंटे खर्च करती हैं, यानि अपने पूरे जीवन काल में 20 लाख घंटों से भी ज्यादा. क्या आपको ये बातें पता है ?और ज्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें.
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बिहार राज्य के जिला औरंगाबाद से कोमल कुमारी , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए। शिक्षित होकर ही वह अपना अधिकार पा सकती है। वह शिक्षित होगी तो वह अपने बच्चों को भी शिक्षित कर सकेगी और तभी खेतों में अच्छी तरह से फसल उगा सकेगी । महिला को मजबूत होना चाहिए। उनको आत्मनिर्भर बनना चाहिए। वह शिक्षित होकर दूसरों को जागरूक कर सकेगी।
बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को भूमि अधिकार तक पहुँचने में बहुत बाधा का सामना करना पड़ता है। इसके लिए तो सरकार को पहले नियम लागु करना चाहिए ताकि हर नागरिक स्वाभाविक रूप से नियम का पालन करे। महिलाओं को पूरी तरह से जमीन में अधिकार मिलना चाहिए क्योंकि महिला हर वो सारे काम कर रही है जो एक पुरुष करता है। सरकार को इसके लिए कुछ करना चाहिए ताकि महिला आत्मनिर्भर बन कर देश के प्रगति में योगदान दे सके।
बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को पूरी तरह से जमीन में अधिकार दिया जाना चाहिए क्योंकि सत्तर प्रतिशत महिला खेतों में काम करती है। उसमे केवल महिला को मज़दूरी दे दिया जाता है। महिला को अधिकार से वंचित रखते है। महिलाओं को गर्व के साथ अपने जमीन में काम करना चाहिए। अगर महिला को जमीन में अधिकार मिलेगा तो वो सम्मान के साथ आत्मनिर्भर हो कर जीवन जियेंगी। आज के समय में महिला वो सारे काम कर रही है जो एक पुरुष करता है
बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से कोमल कुमारी से हुई। ये कहती है कि महिलाओं को पूरी तरह से जमीन में अधिकार नहीं दिया क्योंकि लोगों का मानना है कि वो केवल घर गृहस्ती संभाल सकती है । ये सोच रखना गलत है। महिलाओं को अधिकार मिलेगा तो बहुत कुछ कर सकती है। आगे जमीन से उद्योग ,व्यवसाय का साधन बना सकती है और जीवन में आगे बढ़ सकती है। इससे देश आगे बढ़ेगा
बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से शीतल कुमारी से हुई। ये कहती है कि महिलाओं को पूरी तरह से जमीन में अधिकार नहीं दिया क्योंकि पुरुष महिलाओं को अपने अधीनता में रखना चाहते है। उन्हें आगे बढ़ने नहीं देना चाहते है ,अगर महिलाओं को मौका दिया जाएगा तो वो बहुत कुछ कर सकती है और जीवन में आगे बढ़ सकती है।
बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से शीतल से हुई। ये कहती है कि महिलाओं को पूरी तरह से जमीन में अधिकार मिलना चाहिए। खेतों में काम करने वाली महिलाओं को किसान का दर्जा मिलना चाहिए। अगर महिलाओं को जमीन में अधिकार मिला तो वो खेतों में काम करेंगी ,आर्थिक रूप से मज़बूत हो कर बच्चों का पालन पोषण अच्छे से कर सकती है। देश की प्रगति में महिलाओं का भी योगदान होगा।
