बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार दे कर बहुत बदलाव लाया जा सकता है। महिला को अधिकार मिला तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा पायेंगी। उन्हें भी कुछ अच्छा काम करने का मौका मिलेगा। महिला जब आत्मनिर्भर होंगी तो कई समस्याओं का अंत हो जाएगा।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा मटर की फसल के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .
आज पूरे देश भर में हर्षोल्लास के साथ दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है। दशहरा का पर्व असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने अहंकारी रावण को पराजित कर विजय हासिल किया था और समस्त मानव समुदाय को एक सकारात्मक सन्देश दिया था । आइये हम सब अपने अंदर छिपी बुराइयों का अंत करने का प्रण ले और आपसी सौहार्द एवं पुरे हर्षोल्लास के साथ विजयादशमी का पर्व मनाये। इसी के साथ आप सभी श्रोताओं को मोबाइल वाणी परिवार की ओर से विजयदशमी पर्व का हार्दिक शुभकामनाएं
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
परम्पराओं और संस्कृति से परिपूर्ण हमारा देश भारत में विभिन्न त्योहार मनाया जाता है और इन्ही में से एक है दुर्गा पूजा का त्यौहार । नौ दिनों के इस त्यौहार में दुर्गा माँ के नौ रूपों की विधिवत पूजा अर्चना की जाती है। यह उत्सव राक्षस महिषासुर पर योद्धा देवी दुर्गा की जीत का उत्सव है। दुर्गा पूजा का त्यौहार महिला शक्ति का चित्रण करता है और बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है । विभिन्न जगहों पर अलग अलग मान्यताओं के साथ दुर्गा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।साथियों आइये आपसी सौहार्द और खुशियाँ बाँट कर दुर्गा पूजा का त्यौहार मनाए। आप सभी साथियों को मोबाइल वाणी के पूरे परिवार की ओर से दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज के भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में मानसिक तनाव एक बहुत बड़ा चिंता का विषय बन गया है। मानसिक स्वास्थ्य न सिर्फ हमारे मन को बल्कि भावनाओं, सामाजिक व्यवहारों और शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है । यह हमारे सोचने, महसूस करने, और काम करने के तरीके को निर्धारित करता है। बढ़ते मानसिक तनाव को कम करने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है, जो मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर ध्यान आकर्षित करता है। साथियों, हर साल विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के लिए एक थीम निर्धारित की जाती है। और इस साल यानी 2024 का थीम है "कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का समय आ गया है"। यह थीम व्यवसायों के लिए मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले वातावरण बनाने की आवश्यकता पर जोर देता है। आज के समय में कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य एक चिंता का विषय बन गया है क्योंकि अधिक से अधिक व्यक्ति काम से संबंधित दबावों के कारण तनाव, चिंता और डिप्रेशन का अनुभव करते हैं। इस मुद्दे को संबोधित करने से न केवल कर्मचारियों को लाभ होता है बल्कि संगठनात्मक उत्पादकता और संस्कृति भी बढ़ती है। साथ ही मन में सकारात्मक सोच का संचार होता है।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने रूबी कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को अधिकार मिला तो वो अपने हित के लिए और अपने परिवार के लिए सही निर्णय ले सकती हैं। अपने व्यवसाय और खेती के लिए फैसले ले सकती हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने प्रिन्स कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। कुछ व्यवसाय कर विकास की ओर बढ़ पाएगी। इसके साथ ही वो अपने जीवन के फैसले खुद ले पायेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को कोई अधिकार नहीं मिलता है। लेकिन महिलाओं के विकास के लिए यह जरुरी है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने सिमरन कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिला तो बहुत सारे बदलाव देखने को मिलेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी है। इस कारण महिलाओं को भूमि अधिकार लेने में बहुत परेशानी हो रही है। इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की जरूरत है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने शीतल कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। इससे महिलायें अपने हिसाब से अपने जीवन के निर्णय लेंगी। इसके साथ ही अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए सही फैसले लेंगी
