बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी जानकारी दे रही हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी और बेरोजगारी के कारण महिलायें बहुत असहाय महसूस करती हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह बहुत जरुरी है की महिलाओं को भूमि अधिकार मिले। उन्हें अच्छी और उच्च शिक्षा दिया जाए। इससे वो अपने अधिकारों के लिए लड़ सकती हैं। इसके साथ ही उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और अपने अधिकारों का प्रयोग कर विकास कर पायेंगी। अशिक्षित महिलाओं के लिए सरकार को उन्हें छोटे-छोटे रोजगार से जोड़ना चाहिए। इससे महिला आर्थिक रूप से सशक्त होगी।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने नीलम देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। लेकिन महिला को जमीन में हक मिला तो वो अपना अधिकार ले कर कहीं चली जाती हैं। ऐसी घटनाओं से ही डर कर लोग महिलाओं को जमीन में हक नहीं देते हैं। लेकिन महिलाओं के नाम पर भी जमीन रजिस्ट्री होनी चाहिए।
कड़ी संख्या-18;अपनी जमीन, अपनी आवाज - सुरक्षित भूमि अधिकार: महिला सशक्तिकरण और खाद्य सुरक्षा की कुंजी
बिहार के नवादा जिले के एक गांव में रहने वाली फगुनिया या फिर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के किसी गांव में रहने वाली रूपवती के बारे में अंदाजा लगाइये, जिसके पास खुद के बारे में कोई निर्णय लेने की खास वज़ह नहीं देखती हैं। घर से बाहर से आने-जाने, काम काज, संपत्ति निर्माण करने या फिर राजनीतिक फैसले जैसे कि वोट डालने जैसे छोटे बड़े निर्णय भी वह अक्सर पति या पिता से पूछकर लेती हो? फगुनिया और रूपवती के लिए जरूरी क्या है? क्या कोई समाज महज दो-ढाई महिलाओं के उदाहरण देकर उनको कब तक बहलाता रहेगा? क्या यही दो-ढ़ाई महिलाएं फगुनिया और रूपवती जैसी दूसरी करोड़ों महिलाओं के बारे में भी कुछ सोचती हैं? जवाब इनके गुण और दोष के आधार पर तय किये जाते हैं।दोस्तों इस मसले पर आफ क्या सोचते हैं अपनी राय रिकॉर्ड करें .
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने नेहा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। लड़का और लड़की बराबर हैं, इसलिए बेटी को भी जमीन पर अधिकार मिलना चाहिए। लेकिन यह बेटी की मर्जी होती है की वो अपना अधिकार लेना चाहती हैं या नहीं। महिलाओं का शिक्षित होना भी बहुत जरूरी है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सनीशा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि उनकी माँ के नाम पर जमीन रजिस्ट्री है। लड़का और लड़की बराबर हैं, इसलिए बेटी को भी जमीन पर अधिकार मिलना चाहिए। बेटियां अब बेटों से अधिक पढ़ - लिख कर आगे बढ़ रही हैं। इसलिए उन्हें भी बराबर का हक मिलना ही चाहिए। बेटों को आसानी से पिता की संपत्ति मिल जाती है। इसलिए वो पढ़ने लिखने में भी कम ध्यान देते हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सनीशा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि उनकी माँ के नाम पर जमीन रजिस्ट्री है। उनकी माँ अब खेती कर अब पुरे परिवार का ख्याल रखती हैं। हर महिला अधिकारों के सहारे अपने जीवन में बदलाव ला सकती हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सनीशा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि हमारे गांव में एक महिला को जमीन में हक मिला तो वो अपना अधिकार ले कर कहीं चली गई। ऐसी घटनाओं से ही डर कर लोग महिलाओं को जमीन में हक नहीं देते हैं। इसलिए महिलाओं को अपने अधिकार का दुरूपयोग नहीं करना चाहिए
बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिव कुमारी देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से मालती देवी से हुई। मालती कहती है कि ये अपनी बेटी को जमीन में अधिकार देना चाहेंगी। इससे बेटी जमीन में खेती कर आत्मनिर्भर बनेगी
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने मालती देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं अपनी मर्जी से खेती या व्यवसाय कर आत्मनिर्भर होंगी। अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बना पायेंगी।महिलाओं का आत्मबल बढ़ेगा और वो अपने जीवन के हर निर्णय खुद से ले सकेंगी। हमें भूमि अधिकार मिलेगा तब ही हम अपनी बेटियों को भी जमीन में अधिकार दे पायेंगे
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने रामकली देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं अपनी खेती कर आत्मनिर्भर होंगी। अपने परिवार का विकास और भविष्य सुरक्षित कर सकती हैं महिलाओं का शिक्षित होना भी बहुत जरूरी है।
