बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मुकेश ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उन हे मोबाइल वाणी पर चल रहा कार्यक्रम मं कुछ भी कर सकती हूँ बहुत अच्छा लगा
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा जैविक कीटनाशक ब्यूवेरिया बेसियाना के बारे में जानकारी दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को अपने जमीन के अधिकार के लिए जरूर आगे आना चाहिए। कई बार परिवार वाले महिला को उसके हक़ से वंचित रखने का प्रयास करते हैं। ऐसे समय में महिला को कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। बल्कि अपने हक़ की लड़ाई लड़नी चाहिए
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने गौरी कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी की महिला का अगर पति और बच्चा नहीं है, तो ससुराल के लोग जमीन के अधिकार से बेदखल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अगर महिला अपने हक़ के लिए नहीं लड़ेगी तो वह अपना जीवनयापन कैसे करेगी
महिलाओं के मामले में, भूमि अधिकारों की दृष्टि से कई चुनौतियाँ होती हैं। भारतीय समाज में, महिलाएं अक्सर अपने परिवार और समुदाय के साथ रहती हैं और उन्हें भूमि अधिकारों की पहुँच से दूर रखा जाता है। सामाजिक प्रतिष्ठा, संस्कृति और कानूनी प्रवृत्तियाँ ऐसे होती हैं जो महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर सकती हैं। इसके अलावा, ऐसे कई सामाजिक तौर तरीके और मान्यताएँ हैं जो महिलाओं को भूमि के मामलों में उनके अधिकारों की प्राप्ति में अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों क्यों ज़रूरी है और उसका क्या महत्व हैं? *----- महिलाओं को भूमि अधिकारों तक पहुंचने में कौन सी बाधाएं आती हैं? *----- महिलाओं के सशक्त होने के लिए समाज का उनके साथ खड़ा होना ज़रूरी है लेकिन ऐसा किस तरह हो सकता है? *----- आपके हिसाब से महिलाओं के सशक्त होने से समाज में किस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं?
इस भीषण गर्मी से बचना है तो इन बातों का हमेशा ध्यान रखना है। नियमित रूप से पानी पीना, भोजन में पौष्टिक तत्व और ठंडी चीज़ों को शामिल करना और हल्का भोजन करना। अगर आपने इस भीषण गर्मी से बचने के लिए कोई खास तरीका अपनाया है या फिर अपने भोजन में किसी तरह की कोई खास चीजें शामिल की हैं, जिससे कि इस भीषण गर्मी में कुछ राहत मिल सके, तो अपने ये उपाय सभी के साथ जरूर बांटें।
मानव जीवन में योग का बहुत बड़ा योगदान है। योग से न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है बल्कि नियमित योग करने से कई तरह की बीमरियों से निजात भी मिलती है। पहली बार 21 जून 2015 को योग दिवस मनाया गया और तब से लेकर हर वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। इस साल यानि 2024 का थीम है " स्वयं और समाज के लिए योग". योग दिवस को बड़े स्तर पर मनाने का मुख्य उद्देश्य है लोगों को योग के जरिये स्वस्थ और निरोगी जीवन के प्रति जागरूक करना। तो ,साथियों आइए आज योग दिवस पर हम खुद से वादा करें कि जीवन में जितनी भी व्यस्तता और चुनौतियां हो, अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करेंगे और जीवन को उत्साह से भर कर शरीर, मन एवं आत्मा को स्वस्थ रखेंगे।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना जरुरी है। क्योंकि जानकारी के अभाव में कई बार महिलाओं का भविष्य बर्बाद हो जाता है। ऐसे लोगों के सम्पर्क में जरूर रहें जो महिलाओं के अधिकार के बारें में सही जानकारी रखते हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को भी भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे वे ना केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगी बल्कि धीरे-धीरे कई बदलाव देखने को मिलेंगे। इन बदलावों से ना केवल महिलाओं का विकास होगा बल्कि समाज और देश में भी सकारात्मक प्रभाव नजर आएंगे
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को अपने जमीन के लिए आगे बढ़ कर बात करनी चाहिए। अगर इस विषय पर जानकारी नहीं है, तो ऐसे लोगों के सम्पर्क में रहें जो आपको जानकारी के साथ ही अपना समर्थन भी दें। अपने अधिकार को पाने के लिए हर संभव प्रयास किये जाने चाहिए
