बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता कोमल कुमारी जानकारी दे रही हैं कि हमारे समाज में कुछ लोग ऐसे हैं, जो अपने घर में लड़का और लड़की के बीच अंतर करते हैं। कोई भी गलती की जिम्मेदार लड़की को मानते हैं। लेकिन ये भेदभाव सही नहीं है। दोनों ही बच्चे एक समान हैं और दोनों को एक जैसा प्यार और सम्मान देना चाहिए
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता कोमल कुमारी जानकारी दे रही हैं कि लड़का हो या लड़की दोनों ही एक बराबर हैं। इसलिए हमें लिंग भेदभाव नहीं करना चाहिए। लेकिन हमारे समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो लड़कियों को बहुत प्यार और सम्मान तो देते हैं। लेकिन उन्हें घर के कामों में उलझा कर रखा जाता है। लड़कियों को आगे बढ़ने के अवसर नहीं मिलते हैं। वहीं लड़कों पर कोई बंदिश नहीं होती है। लेकिन लड़का-लड़की दोनों को बराबर का हक़ मिलना चाहिए
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता कोमल कुमारी जानकारी दे रही हैं कि शहर की महिला तो आज अपने हिसाब से एक अच्छी जिंदगी जी पा रही है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में अब भी स्थिति खराब ही है। क्योंकि गांव के लोगों की मानसिकता महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकती है। ग्रामीण क्षेत्र की महिला आगे नहीं बढ़ पाती क्योंकि समाज और परिवार उन्हें कई बंधनों में जकड़ कर रखता है। पहले तो महिला को उनके पति के मृत्यु बाद पति की चिता के साथ ही जला दिया जाता था। लेकिन राजा राम मोहन राय ने इस प्रथा पर रोक लगाईं। आज भी अगर हम महिलाओं को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं, तो हमें एक साथ प्रयास करने होंगे
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता कोमल कुमारी जानकारी दे रही हैं कि आज की महिलायें आधुनिक युग के अनुसार अपनी जिंदगी जी रही हैं। महिलायें सभी क्षेत्रों में अपना नाम रोशन कर बड़े-बड़े पदों पर कार्यरत हैं। लेकिन यह मनोवृति अभी तक शहरी क्षेत्रों तक ही सिमित है। ग्रामीण क्षेत्र में आज भी महिलायें दयनीय स्थिति में हैं। जब वो अपने परिवार से आगे बढ़ने के लिए मदद मांगती है तो उनका कोई साथ नहीं देता है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र की महिलायें आज भी बहुत पिछड़ी हुई हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से कोमल कुमारी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हमें कई प्रयास करने की आवश्यकता है। हम सभी जानते है आज की महिलाएं सभी क्षेत्रों में पुरुष की बराबरी कर रही हैं। लेकिन कुछ जगहों पर महिलाओं को अपना अधिकार पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है
मानव जीवन में डॉक्टर्स की भूमिका बहुत खास है। उन्हें भगवान से कम नहीं समझा जाता है। क्योंकि भगवान की तरह डॉक्टर भी एक व्यक्ति को नया जीवन देने में भूमिका निभाते हैं। छोटी-छोटी से समस्या हो या गंभीर बीमारी, डॉक्टर ही एक ऐसा व्यक्ति है जिसके पास मानव शरीर की सभी परेशानियों का उपचार है।एक जुलाई को ही डॉक्टर दिवस मनाने की एक खास वजह भी है. महान चिकित्सक डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय का जन्मदिन 1 जुलाई 1882 को हुआ था. इतना ही नहीं एक जुलाई 1962 को ही डॉ बिधान का निधन हुआ था. इसलिए तब से डॉक्टर को सम्मान देने के रूप में हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। साथ ही हमारे देश में स्वास्थ्य को एक सेवा के रूप में देखा जाता है और हमारे चिकित्सा पेशेवरों ने अथक और निस्वार्थ भाव से काम करके अपने देश की सेवा भाव एवं सेवा परमो धर्म की परंपरा का पालन किया है. यही एकमात्र कारण था कि हमारे कोविड योद्धा मौके पर खड़े हुए और निस्वार्थ भाव से अपने कर्तव्य का पालन किया.तो आइये दोस्तों हम सब मिलकर चिकित्सक के कार्य की सराहना और मानव जीवन में उनकी भूमिका का सम्मान करें। मोबाइल वाणी की ओर से आप सब को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस की हार्दिक बधाई।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से कोमल कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें मुख्य धारा में जोड़ने के लिए कई सुधारों की आवश्यकता होती है। महिलाओं को अपने जीवन में संघर्ष का सामना तो करना ही पड़ता है। महिलाओं का जीवन तब बेहतर होगा,जब महिलाएं आगे बढ़ेंगी। महिलाओं को घर के कामों में व्यस्त रखा जाता है,ताकि वो आगे कभी ना बढ़ सके।साथ ही महिलाओं पर कई प्रकार के प्रतिबन्ध लगाए जाते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से कोमल कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए उन्हें सशक्त बनाने की जरुरत है। महिला वो सभी कार्य कर सकती है जो पुरुष कर सकते हैं। महिलाओं को आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए ना कि पीछे खींचना चाहिए। महिलाओं को काम करने का अधिकार अभी भी भारत के कई क्षेत्रों में नहीं है। सभी को मिल कर महिलाओं की स्थिति में सुधार करना चाहिए तथा जमीनी अधिकार को दिलवाना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से कोमल कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए कई नियम बनाए गए हैं। जैसे - बाल विवाह प्रथा को रोकना ,विधवा विवाह को प्रोत्साहित करना ,इत्यादि। पत्नी को पति के बराबर जमीन का हक़ मिलना जरुरी है। इस विषय पर महिलाएं अपनी जुबान को दबा दिया करती हैं,जिससे वो आगे नही बढ़ पाती हैं।कोमल का विचार है कि महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए पति की सम्पत्ति में पत्नी को बराबर का अधिकार मिलना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सबसे पहले महिला को ही अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। महिलाओं को आज से समय में कई अधिकार प्राप्त हैं। लेकिन महिलायें शिक्षित नहीं होने के कारण वो अपने अधिकारों से वंचित रह जाती है। पुरुषों से बेहतर कार्य करने के बाद भी महिलाओं को असमानता झेलनी पड़ती है
