बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने प्रिंस कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं का जीवन तब ही बेहतर होगा, जब वो आगे बढ़ेंगी। महिला आगे बढ़ेगी तब ही देश और समाज का विकास संभव हो पायेगा। महिलाओं को घर के कामों में उलझा कर और उनपर कई तरह के प्रतिबंध लगा कर उन्हें आगे बढ़ने से रोका जाता है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि समाज के लोग महिलाओं को कमजोर समझते हैं। महिलायें भी खुद को कमजोर मानती है। इसलिए वो अपने अधिकारों के प्रति ना जागरूक होती है और ना ही इसके लिए आवाज उठाती है। लेकिन अगर महिला जागरूक और शिक्षित होगी तो समाज की स्थिति अलग ही होगी। इसलिए हमें खुद को और अपनी आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करना चाहिए

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि आज की महिलाओं को स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल महिलाओं से सीख लेनी चाहिए। स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल महिलायें बिना डरे अपने देश की आजादी के लिए लड़ी थी। आज हम अपने अधिकारों के लिए क्यों नहीं लड़ सकते हैं। अपने अधिकार को पाने के लिए हमें कितनी भी समस्या का सामना करना पड़े। लेकिन महिलाओं को पीछे नहीं हटना चाहिए

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को अगर सभी अधिकार मिलने लगे तो समाज में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे। यह बदलाव महिलाओं के हित में होंगे। महिलायें अगर जागरूक होंगी तब ही अपने हक के लिए लड़ पायेंगी। आज की महिला पुरुषों से किसी भी स्तर पर कम नहीं हैं। इसलिए उन्हें भी समाज में समान अधिकार मिलना चाहिए। जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके और समाज में उनकी पहचान बन सके

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दी कि महिलाओं को अपने अधिकार के प्रति जागरूक एवं शिक्षित होने की जरूरत है। कई महिला आज भी अपने अधिकारों के बारे में नहीं जानती है। जिसके कारण वो खेतों में दिन भर काम करने के बाद भी जमीन पर मालिकाना हक नहीं रख पाती हैं। इसलिए महिलाओं का शिक्षित और जागरूक होना बहुत जरुरी है

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दोस्तों, भारत के स्वतंत्रता आंदोलन ने महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया। इसने उन्हें शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक सुधार और आर्थिक सशक्तिकरण के द्वार खोलने का अधिकार दिया। आज भी, स्वतंत्रता सेनानी महिला सशक्तिकरण और समानता के लिए संघर्ष करने वाली असुविधा के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हुई हैं। लेकिन इसके बावजूद महिलाओं को भूमि अधिकार प्रदान करना न केवल न्याय और समानता का प्रश्न है, बल्कि यह हमारे समाज के पूर्ण और सही मायनो में विकास और समृद्धि के लिए भी बहुत अधिक आवश्यक है। तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- महिलाओं के लिए भूमि का अधिकार मिले इसके लिए आप क्या करना चाहेंगे, आपके हिसाब से महिलाओं को भूमि का अधिकार न मिलने से पुरुषों में सबसे बड़ी अड़चन क्या है? और इसे कैसे दूर किया जा सकता है, *----- भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से प्रभावित महिलाओं को किस तरह आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली, और उसके समाज पर उसका क्या प्रभाव आया? *----- आपके हिसाब से महिलाओं के सशक्त होने से समाज में किस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं?

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से सुनीता देवी से साक्षात्कार लिया।सुनीता देवी ने बताया कि महिलाओं को अच्छी ज़िन्दगी के लिए शिक्षित होना चाहिए। शिक्षित महिला खुद अपनी ज़िन्दगी जी सकती है और अपने बच्चों की देखभाल कर सकती है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से चंद्रावती कुमारी से साक्षात्कार लिया।चंद्रावती कुमारी ने बताया कि महिलाएं सुबह से शाम तक पूरे दिन पुरुषों के साथ काम करती हैं, लेकिन फिर भी महिलाओं को अधिकार नहीं मिल रहा है। महिलाओं को भूमि का अधिकार मिलना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से सलोनी कुमारी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से सुनीता देवी से साक्षात्कार लिया।सुनीता देवी ने बताया कि महिलाएं पुरुष के साथ खेत में काम करती हैं। इसलिए इनको भी भूमि में हिस्सा या अधिकार मिलना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।