बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक अवसर तक पहुंच बनाने के लिए संविधान में कोई भेद भाव नहीं किया गया है। जब भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51 में महिलाओं के लिए उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देने में कोई भेदभाव नहीं है, तो समाज महिलाओं को अधिकार क्यों नहीं देता। जबकि इस अधिकार ने ग्रामीण विकास को काफी हद तक बढ़ावा दिया है।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को जमीन पर या घर हो सभी जगह बराबर का हक मिलना चाहिए। इससे महिला की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा
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बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से शिवकुमारी देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से ज्योति से बातचीत किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए। अगर महिलाओं को उनका अधिकार दिया जायेगा तो वे खेती करेंगी और अपना एवं अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाएंगी
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने बताया कि महिलाओं को जमीन का अधिकार देने में कई बाधाएं हैं। पुरुष पूरा हक़ महिलाओं को नहीं दे पाते हैं। वो चाहते हैं महिलाएं खाना बनाएं और बच्चों को सम्भलें । मगर ये सही नहीं है। महिलाओं को पूरा हक़ देना चाहिए,ताकि वो आगे बढ़ सकें । पुरुष इस कारण भी महिलाओं को जमीन में हिस्सा नहीं देते हैं क्योंकि कई महिलाएं अपना घर-परिवार छोड़कर चली जाती हैं। ऐसे में पुरुषों को जमीन खोने का डर बना रहता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने बताया कि महिलाओं को जमीन में हक़ मिलना बहुत जरुरी है। जमीन में हक़ मिलेगा तभी महिलाएं आगे पढ़ पाएंगी और अपना भविष्य सुनिश्चित कर पाएंगी। अपने जमीन में वो खेती-बाड़ी कर सकेंगी। घर-मकान बना पाएंगी या अपने बच्चों को शिक्षित कर पाएंगी। जितना पुरुषों का हक़ है उतना ही महिलाओं का भी हक़ है। मगर महिलाओं को इस हक़ से वंचित रखा जाता है
