उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रजनी से साक्षात्कार लिया ।रजनी का कहना है महिलाओ को अपने निर्णय लेने की आजादी नहीं हैं। उन्हें वोट देना है या कहीं आना जाना करना है वे अपने पति या पिता से पूछकर लेना है। इसका कारण है महिलाओं को कुछ निर्णय लेने का अधिकार नहीं है यदि वे बिना पूछे कहीं जाती हैं तो उन्हें सुनना पड़ता है। रजनी का कहना है महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है यदि वे शिक्षित रहेंगी तो अपने निर्णय ले सकती हैं किसी का में हाथ भी बटा सकती हैं। उनका कहना है कुछ लोग महिलाओं को हमारा दुर्भाग्य होगा, वे सोचेंगे कि वे महिलाओं से काम करवाते हैं और खाते हैं, वे कमाते नहीं हैं, कुछ पुरूष महिलाओं को पढ़ाते ,लिखते हैं आगे बढ़ाने की पूरी कोशिस करते हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अलका से साक्षात्कार लिया ।अलका का कहना है महिलाओं को कोई भी फैसला लेने का आजादी होता है लेकिन इसमें उन्हें बहुत परेशानी होती है बिना पिता या पति के निर्णय लेना। यहां तक की खाना क्या बनाना है इसके लिए भी उन्हें घर वालों से पूछना पड़ता है। उनका कहना है महिलाएं यदि शिक्षित रहेंगी तो अपने फैसले खुद ले पाएंगी।

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से अरमान से साक्षात्कार लिया ।अरमान का कहना है महिलाओं को अपने फैसले लेना का आजादी होता है लेकिन कुछ फैसले हैं जो वे नहीं ले सकती हैं। कहीं आना जाना है वे अकेले नहीं जा सकती हैं उन्हें अपने घर परिवार को लेकर चलना होता है

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रूही से साक्षात्कार लिया ।रूही का कहना है महिलाओं का स्वभाव यही रहा है कि कुछ भी करना है किसी को वोट भी देना है तो वे अपने घर के पुरुषों से पूछ कर ही लेती हैं। उनका कहना है महिलाओं के लिए शिक्षित होना बहुत जरूरी है और शिक्षा के माध्यम से वे आगे बढ़ सकती हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रतिभा से साक्षात्कार लिया ।प्रतिभा का कहना है कि महिलाएं कोई भी फैसला खुद से नहीं ले सकती हैं सारे फैसले अपने घरवालों से पूछकर ही लेती हैं। मायके में रहती हैं तो पिता या भाई से पूछ कर कहीं आना जाना करती हैं और ससुराल में रहती हैं तो पति से पूछ कर करती हैं। उनका कहना है महिलाओं का अधिकार ना लेने का कारण शिक्षा भी है। लेकिन महिलाएं यदि पारिवारिक हैं और बिना पूछे वे कहीं जाती हैं कुछ करती हैं तो घर में विवाद हो जाता है। बहुत लोग सोचते हैं कि चार लोग देखेंगे तो क्या कहेंगे

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से सनजू देवी से साक्षात्कार लिया ।सनजू देवी का कहना है कोई भी निर्णय लेने का महिलाओं को अधिकार होता है लेकिन वे जानते नहीं है क्योंकि पुरूष उन्हें कुछ करने ही नहीं देते हैं मायके में रहती हैं तब भी कुछ नहीं करने देते ससुराल आती हैं तब भी कुछ नहीं करने देते। तो चार लोगों के साथ बात नहीं करेंगे बैठेंगे नहीं तो उन्ही जानकारी कैसे मिलेगी। सनजू देवी ने बताया कि महिलाओं को पढ़ा लिखा होना जरूरी है जिससे वे कोई भी निर्णय ले सके पढ़ा लिखा होने पर वे अपना अधिकार ले सकती हैं बिना पढ़ा लिखा वे कुछ भी नहीं कर पायेंगी

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से शबनम से बातचीत की।शबनम का कहना है यदि महिलाओं को उनका हक अधिकार मिल जाता है तो वे अपना जीवन अच्छे से चला सकती हैं। खेतों में भी काम कर सकती हैं कोई फसल लगाती हैं तो फसल से घर का खर्च भी चलेगा और उसे बेचकर इनकम भी होगा। उनका कहना है महिलाएं यदि शिक्षित रहेगी तो वे अपने भविष्य के बारे में सोच सकती हैं अशिक्षित महिलाएं अपने भविष्य के बारे में नहीं सोचती हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रीना से बातचीत की।रीना का कहना है बड़े लोग हमेशा अच्छी चीजें ही बताते हैं इसलिए उनसे पूछ कर कोई काम करना जरूरी है। पूछने में कोई बड़ा छोटा नहीं होता इससे उनका मान सम्मान बढ़ता है।

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कुसुम से बातचीत की।कुसुम का कहना है महिलाओं को कोई अधिकार नहीं रहता पुरूषों का अधिकार रहता है इसलिए महिलाएं कोई भी काम करती हैं पुरूषों से पूछ कर करती हैं। उनका कहना है उनके घर में संपत्ति का अधिकार बेटों को देना चाहती हैं क्योंकि ऐसे भी घूम कर बेटे से बहु को अधिकार मिल ही जाता है

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से दुर्गावती से बातचीत की।दुर्गावती का कहना है औरतों को पुरूषों द्वारा पूरी आजादी दी जाती है लेकिन महिलाएं कहीं चली जाए कुछ करें तो पुरूष उसका विरोध करते हैं कि बिना पूछे क्यों कर रही। उनका कहना है वोट डालने का अधिकार महिलाएं खुद से ही ले लेती हैं साथ ही कहीं आना जाना हो तो वे मायके में होती हैं तो पिता से पूछती हैं और ससुराल में रहती हैं तो पति से पूछती हैं। दुर्गावती ने बताया कि अपने परिवार में वे अपने घर की महिलाओं को अधिकार देना चाहती हैं लेकिन पुरुषों से मिले तभी। यदि महिलाओं को उनका हक अधिकार दे दिया जाए तो महिलाएं आगे बढ़ सकती हैं वे खेती कर सकती हैं फसल ऊगा सकती हैं और अपने बच्चों का पालन पोषण कर सकती हैं।