उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से अलोक श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाएं घर चलाती हैं, हर घर में एक महिला होती है। महिलाओं से ही समाज का निर्माण होता है, सब कुछ महिलाओं पर निर्भर करता है। महिला घर की देखभाल करती है, बच्चों की देखभाल करती है, उनका पालन-पोषण करती है, अपनी समर्थता के अनुसार उन्हें पढ़ने और लिखने के लिए कहती है, लेकिन अगर महिला घर में नहीं होती है, तो पुरुष कुछ भी घर का काम नहीं कर सकते । हर महिला को थोड़ा आगे बढ़ाने के लिए हम सभी को उसे समाज में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।
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पानी हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि लोगों द्वारा पानी का संरक्षण नहीं किया जाता है और इसका दोहन किया जा रहा है। ढोने वाली मशीन जैसे ढोने वाली मशीन वाले लोग बहुत सारा पानी खर्च करते हैं, गाड़ियों को पूरे दिन धोया जाता है और उस पानी का दोहन किया जाता है। जिन अन्य चीजों पर पानी बर्बाद हो रहा है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए अन्यथा आने वाले समय में पानी की कमी हो सकती है।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर जिला से के सी चौधरी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को प्राचीन काल से संपत्ति का अधिकार नहीं मिला है, तो आज उन्हें संपत्ति का अधिकार कैसे दिया जायेगा। महिलाओं को शिक्षा या किसी अन्य पेशे में समान दर्जा दिया गया , लेकिन संपत्ति में अधिकार देने से एक विवादास्पद स्थिति पैदा होगी। महिलाओं को आत्मनिर्भर होने और संपत्ति की मांग करने के लिए शिक्षित होने की आवश्यकता है। जमीन का मालिक बनना भी उनके लिए बहुत परेशानी ला सकता है।
दोस्तों, एक बार फिर से उन्हीं दिनों को जीने की कोशिश करते हैं अपने बच्चों के संग उनके बचपन को एक त्यौहार की तरह मनाते हुए हंसते हुए, खेलते हुए, शोर मचाते बन जाते हैं उनके दोस्त और जानने की कोशिश करते हैं इस बड़ी सी दुनिया को उनकी आंखों से | घर और परिवार ही बच्चों का पहला स्कूल है और माता पिता दादा दादी और अन्य सदस्य होते हैं उनके दोस्त और टीचर हो. साथ में ये भी कि बच्चों के दिमाग का पचासी प्रतिशत से अधिक विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है.
दुनिया में जितने लोग जीविका चलाने के लिए जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर पूरी तरह से निर्भर हैं उनमें आधे से ज्यादा आबादी महिलाओं की है। जमीन का अधिकार, महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाता है। वे अपनी जमीन पर खेती कर सकती हैं, उससे कमाई कर सकती हैं, और अपनी ज़रूरतों को पूरा कर सकती हैं। जमीन का अधिकार, महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान करता है। जब महिलाओं के पास जमीन होती है, तो उन्हें समाज में अधिक सम्मान मिलता है। वे अपने परिवार और समुदाय में महत्वपूर्ण निर्णय लेने में भाग ले सकती हैं। तो दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- देश के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं खेती किसानी किसानी का मुख्य हिस्सा हैं, इसके बदले में उन्हें किसी प्रकार कोई लाभ नहीं मिलता है। अगर कोई अधिकार उन्हें मिले , तो वह क्या होना चाहिए जिससे उनका जीवन बेहतर हो सके। *----- महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों तक पहुंच बनाने से ग्रामीण विकास को कैसे बढ़ावा मिल सकता है? *----- महिलाओं को उनके अधिकार उन्हें मिले और गाँव के विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीक का उपयोग कैसे किया जा सकता है? सामाजिक तौर पर क्या ऐसे क्या क्या प्रयास किये जाने चाहिए जिससे महिलाओं को ज़मीं पैर अधिकार यानी उनके नाम पर और मालिकाना हक़ हो ?
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से आलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से निति से बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बताया कि आज सरकार महिलाओं को समान अधिकार दे रही है और साथ ही महिलाओं को घरेलू संपत्ति में भी अधिकार दिया जा रहा है, जिससे उनका महिला सशक्तिकरण काफी मजबूत होगा।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से अलोक श्रीवास्तव मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि महिलाओं के मन का सम्मान करना चाहिए,उन्हें जानना चाहिए, उन्हें सम्मान देना चाहिए, जब किसी लड़की या महिला को सम्मान मिलेगा, तो उनका मन प्रोत्साहित होगा और उनका सम्मान किया जाएगा।सभी लोग घर बनाते हैं, लेकिन उस घर को घर बनाने में सबसे बड़ी भूमिका महिला की होती है।चाहे वह बेटा हो या बेटी, इसकी पूरी देखभाल महिला द्वारा की जाती है। पुरुषों के पास समय नहीं होता है, इसलिए यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। महिलाएँ तभी विकास करेंगी जब वे शिक्षित होंगी। हर महिला को खुले दिमाग का होना चाहिए जब वह खुले दिमाग वाली हो, तभी उसे समाज में जगह मिलेगी।
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से रामप्रकाश सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी से बातचीत की। उन्होंने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए, उन्हें जितना हो सके उतना समर्थन दिया जाना चाहिए क्योंकि महिलाएं आज पुरुषों के समान काम कर रही हैं, इसलिए उनका भी बराबर हिस्सा होना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के संत कबीर नगर से के सी चौधरी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से स्थानीय निवासी मुकेश से बातचीत की। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों का कहना है कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार देने से भाई-बहन के रिश्ते में खटास आएगी, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि यह प्राचीन काल से रहा है। अगर महिलाओं को संपत्ति का अधिकार नहीं मिला है, तो उन्हें आज भी संपत्ति का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए।
