सिसवन(सीवान) प्रखंड क्षेत्र के माहानगर चंवर में गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे बिजली का हाईटेंशन तार की शॉर्ट सर्किट से खेतों में लगे गेहूं की फसल मे आग लग गई. देखते ही देखते आग से करीब पांच बीघा से अधिक क्षेत्र में लगे गेहूं के फसल जलकर राख हो गए. आग लगने की सूचना जैसे ही किसानों को मिली. किसान दौड़ते हुए खेत पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का कोशिश करने लगे, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि किसानों की कुछ नहीं चली.आनन-फानन में इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई.सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.मौके पर मौजूद किसानों ने बताया कि स्थानीय निवासी सुनील सिंह के करीब तीन बीघा और रबिंद्र सिंह के करीब दो बीघा खेत में लगा गेहूं जलकर राख हो गया.जिससे कि उक्त किसानों का करीब एक लाख रुपए से अधिक का क्षति हुई है.इधर घटना को लेकर पिड़तो ने सीओ सहित तमाम वरिय अधिकारियों से जांच कर किसानों के लिए उचित मुआवजे का मांग किया है.

हसनपुरा हुसैनगंज मुख्य सड़क पर अज्ञात वाहन की चपेट में आ जाने से एक व्यक्ति घायल हो गए। घायल व्यक्ति की पहचान हसनपुरा के रहने वाले मुना रस्तोगी के रूप में हुई है। घायल अवस्था में उन्हें निजी डॉक्टर के क्लीनिक में भर्ती कराया गया जहां पर डॉक्टर द्वारा उनकी मरहम पट्टी हुई ।

स्वास्थ्य विभाग के निर्देशन पर रघुनाथपुर रेफलर अस्पताल मेंचमकी बुखार को लेकर चार बेड का वार्ड तैयार हुआ । प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ 0संजीव कुमार सिंह ने बताया कि बिहार में चमकी बुखार के संदेह पर चार बेड का वार्ड तैयार कर दिया गया है । इस कक्ष में सुसज्जित चार बेड, फैन, एनी युक्त के साथ सभी तरह की दवा और सूई उपलब्ध कर दी गई है । डॉ 0 सिंह ने कहा कि जीवीका दीदी , विकास मित्र, आशा को चमकी बुखार की प्रचार के लिए तैनात की गई है । इस रोग से पीड़ित बच्चे की विधिवत उपचार करने की स्वास्थ्य कर्मी को तैनात की गई है । डॉ 0 सिंह ने बताया कि इस रोग में बच्चों को बुखार, कै , शरीर में ऐठन, आदि होती रहती है । ऐसे पीड़ित बच्चों को शिघ्र अपने बच्चों को अस्पताल में उपचार अवश्य कराये । इस मौके पर लेखापाल कुल दीप कुमार यादव , अमीत कुमार, चन्द्रमा कुमार, आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहा ।

जन्म से आठ साल की उम्र तक का समय बच्चों के विकास के लिए बहुत खास है। माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में 'बचपन मनाओ-बढ़ते जाओ' कार्यक्रम सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में दबाएं नंबर 3.

अगर आपको भी गुस्सा आ रहा है, तो उसे शांत करने के है कई तरीके | सुनिए इस कहानी को, और जानिये कि गुस्से को कैसे कर सकते है कम |ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार कहानी, तो  रिकॉर्ड करें फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

भारत का आम समाज अक्सर सरकारी सेवाओं की शिकायत करता रहता है, सरकारी सेवाओं की इन आलोचनाओं के पक्ष में आम लोगों सहित तमाम बड़े बड़े अर्थशास्त्रियों तक का मानना है कि खुले बाजार से किसी भी क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों में कंपटीशन बढ़ेगा जो आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देगा। इस एक तर्क के सहारे सरकार ने सभी सेवाओं को बाजार के हवाले पर छोड़ दिया, इसमें जिन सेवाओं पर इसका सबसे ज्यादा असर हुआ वे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर पड़ा है। इसका खामियाजा गरीब, मजदूर और आम लोगों को भुगतना पड़ता है।

बनो नई सोच ,बुनो हिंसा मुक्त रिश्ते की आज की कड़ी में हम सुनेंगे महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और हिंसा के बारे में।

दलौदा पाखंड क्षेत्र के दो जगह पर आग लगने से हजारों की संपत्ति जल का खाक हो गई है इस संबंध बताया गया की दरोदा टोलाहरिद्वार एवं नवलपुर गांव में आग लगने से हजारों की संपत्ति जलकर खाक हो गई

रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के गभीरार गांव में चोरी को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा प्राथमिक की दर्ज कर दी गई है इस संबंध में बताया गया कि उक्त गांव निवासी शंभू जी के आवेदन के आधार पर कानूनी कार्रवाई करते हुए थाना कांड संख्या 24 के तहत अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिक की दर्ज की गई है

बिहार राज्य के सिवान जिला के रघुनाथपुर प्रखंड के फुलवरिया पंचायत के दया छपरा गांव में फसल में लगी अचानक से आज के कारण दो एकड़ में लगी फसल जल का खाक हो गई इस संबंध बताया गया कि अचानक से आग लगने के कारण 2 एकड़ में लगी गेहूं की फसल जल का खाक हो गई ग्रामीणों द्वारा से अग्निशामक का मदद लिया गया जब तक ले आज पर काबू पाया जाता तब तक के लिए फसल जल का खाक हो गई थी.