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नए वनपटा समिती का हुआ गठन

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जरूरतमंदों को बाटी गई कम्बल

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भारतीय स्वतंत्रता के क्रांतिकारी बाबू रामनारायण सिंह का 138 वीं जयंती उनके पैतृक गांव दंतार मे मनाया गया। वे हजारीबाग जिला के प्रथम सांसद थे। उनके परिवार के दर्जनों सदस्य ने पुष्प अर्पण कर जयंती मनाया। इस कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक सह भाजपा नेता जनार्धन पासवान विशिष्ट अतिथि पूर्व मुखिया पारसनाथ सिंह उपस्थित हुए। मौके पर पूर्व मुखिया कमल कु. केशरी, जिला परिषद चंद्रदेव गोप, बालेश्वर सिंह, डा. प्रमोद सिंह, डा. पी.एन. सिंह, प्रदीप सिंह, डा. रामराज सिंह, सुरेन्द्र सिंह, कामेश्वर साहू, रामप्रित प्रसाद, बिपिन बिहारी सिंह, राजकुमार सिंह, गौरव कु. सिंह, गौतम सिंह इत्यादि सैकड़ो की संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए। अंत में प्रसाद के रूप में भंडारा कर कार्यक्रम की समाप्ति की गई।

भारतीय स्वंतंत्रता के क्रांतिकारी बाबू रामनारायण सिंह का 138 वीं जयंती उनके पैतृक गांव दंतार में मनाया गया। वे हजारीबाग जिला के प्रथम सांसद थे। उनके परिवार के दर्जनों सदस्य ने पुष्प अर्पण कर जयंती मनाया।

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आइए आज हम बात करते हैं हंटरगंज प्रखण्ड के पाण्डेय पुरा पंचायत की जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं पर नही है पहल। वहीं के एक ग्रामीण ने ग्राम पंचायत की कुछ समस्याओं को हमारे साथ साझा की है उसका कथन है की गांव के जिन छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीण पंचायत में अपनी प्रतिनिधि चुनते हैं वही सत्ता में आने के बाद अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं और ऐसे मे अधिकारी कर्मचारी भी ध्यान नहीं दे पाते। कुछ ऐसा ही हाल है पाण्डेय पुरा पंचायत मे जहां लोग छोटी-छोटी सुविधा के लिए तरस रहा है। पाण्डेयपुरा पंचायत के अंतर्गत ग्राम करमा जहां की जनसंख्या लगभग एक हज़ार से अधिक है और ट्रांसफार्म ख़राब है, पाण्डेयपुरा बाजार का बिजली भी वही हाल मे है इसके आधार पर अकेला पंचायत का तमगा तो हासिल कर लिया लेकिन यहां अलग-अलग वार्डों में निवास कर रहे ग्रामीणों को सुविधा पहुंचाने में पंचायत प्रतिनिधि नकाम है। पाण्डेयपुरा श्मशान घाट का भी वही हाल है जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है तो दूसरी ओर आवास, पेंशन, राशन,स्वास्थ्य व्यवस्थाओं मे भी अनियमितता है वहीं मुखिया या अन्य प्रतिनिधि स्कूल, आग्नबाड़ी, हॉस्पिटल एवं अन्य विभागों का निरीक्षण नही कर पाते तथा समस्याओं के निराकरण के लिए कोई पहल नहीं कर रहे। दूसरी ओर बढ़ने के उपरांत कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं पंचायत प्रतिनिधि ऐसे में समस्याएं और विकराल रूप ले रही है ऐसे मे प्रखण्ड प्रशासन को संज्ञान मे लेकर सक्रियता लाना होगा।