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राज्य का घोर नक्सल प्रभावित जिला चतरा पलामू बॉर्डर पर सुबह नक्सल विरोधी अभियान पर निकली चतरा पुलिस, सीआरपीएफ और जगुआर की संयुक्त टीम के जवानों का प्रतिबंधित टीएसपीसी नक्सलियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुआ है। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के विरुद्ध बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस कप्तान राकेश रंजन ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि 15 लाख के इनामी प्रतिबंधित तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी के रीजनल कमांडर आक्रमण गंझू और 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर शशिकांत उर्फ आरिफ का हथियारबंद दस्ता इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में चतरा-पलामू बॉर्डर पर भ्रमणशील है। इसके बाद चतरा पुलिस, सीआरपीएफ 190 बटालियन और झारखंड जगुआर के अधिकारियों और जवानों की संयुक्त टीम बनाकर अभियान चलाने का निर्देश दिया गया था। अभियान के दौरान ही अनगड़ा-केदल के बीच भैंसमारा जंगल में सुरक्षा बलों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी । इसके बाद कार्रवाई करते हुए जवानों ने भी तत्परता से मोर्चा संभाला और नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। एसपी ने बताया कि खुद पर पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर सघन सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस से लूटा गया एक 315 बोर का थ्री नॉट थ्री रायफल, एक अमेरिकन सिंगल शॉट, एक देशी बंदूक,2 किलो बारूद,10 पिट्ठू बैग, दवाई,मोबाइल व चार्जर समेत दैनिक उपयोग के सामान और नक्सली लिटरेचर बरामद किया गया है। खबर में बताया जा रहा है कि कुछ नक्शलियों को गोली लगी है जिन्हे उनके नक्सली साथी घायल अवस्था में अपने साथ ले गए हैं। पुलिस उसकी छान बिन कर रही है।
नियम क्या हैं, ये क्यों बनाए जाते हैं और इनसे क्या बदलता है... इन तीनों सवालों से अक्सर जनता परेशान रहती है, जनता की परेशानी उसे मिलने वाले नित नए सबक के बावजूद भी बनी रहती है। परेशान जनता यह मानना ही नहीं चाहती है नियम उसकी भलाई के लिए ही होते हैं।हमारे देश में नियमों की तब तक ही अहमियत होती है जब तक वे हमारी मौज मस्ती में बाधा नहीं बनते, एक बार अगर ये नियम हमारी मौज मस्ती में बाधा बनने लगते हैं तो हम बिना इनके बारे में सोचे और भविष्य की परवाह किए इनसे बचने की तरकीबें निकालने लगते हैं। दोस्तों आप इस मसले पर क्या सोचते हैं, क्या आपको भी लगता है कि सरकारों को इस पर पूर्णत प्रतिबंध लगा देना चाहिए, या फिर ऐसे ही थोड़े से पैसे के लालच में उन व्यापारियों को खुली छूट होनी चाहिए जो इसका व्यापार करने में लगे हैं।
टंडवा प्रखंड में मीनाक्षी नेत्रालय के संचालक डॉ अभिषेक सिंह के सौजन्य से सराढू गांव में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। गांव में पहुँचने पर ग्रामीणों ने डॉ अभिषेक का भव्य तरीके से स्वागत किया।आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न रोगों से जुड़े ढाई सौ मरीजों को निशुल्क इलाज कर उन्हें दवाइयां दी गई।मौके पर आयोजित मानव जीवन का ज्ञान दर्शन आध्यात्म व राजनीति परिचर्चा में डॉ अभिषेक युवाओं से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि आपकी पहचान आपकी संस्कृति है जिसे हमें जिंदा रखना है।जहाँ बुद्धिमता ज्ञान दूरदर्शिता नही वहाँ का भविष्य अंधकार में चला जाएगा।मौके पर रबिन्द्र सिंह इंद्रजीत सिंह बनारस सिंह मंगलदेव यादव राममणि सिंह रौशन अंसारी अरुण महतो शंकर प्रजापति समेत भारी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे।
हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए
Transcript Unavailable.
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मीठे गुड़ में मिल गए तिल उड़ी पतंग और खिल गए दिल हर पल सुख और हर दिन शांति आप सबके लिए खुशियाँ लाये मकर संक्रांति ! मकर संक्रांति यानी कि सूर्य के एक राशि से दूसरे यानी मकर राशि में प्रवेश करने को मकर संक्रांति कहा जाता है। यह देश के अलग अलग भागों में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। इस दौरान विभिन्न पारंपरिक पकवान या मीठे व्यंजन तैयार किए जाते हैं। मकर संक्रांति को पतंगों का पर्व , संक्रांति, पोंगल, माघी, उत्तरायण, उत्तरायणी और खिचड़ी पर्व आदि जैसे विभिन्न नामों से भी जाना जाता है. यह शीतकालीन दिनों के अंत और लंबे दिनों की शुरुआत का प्रतीक है। भारत के विभिन्न राज्यों में मकर संक्रांति मनाने के अपने अनूठे तरीके हैं, जो देश में परंपराओं और रीति-रिवाजों की विविधता को दर्शाते हैं। यह त्यौहार सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व रखता है, इस पावन अवसर पर मोबाइल वाणी के परिवार की ओर से आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा ,रबी फसलों में खरपतवार प्रबंधन की जानकारी दे रहे है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...
उपायुक्त अबु इमरान के निर्देश पर अवैध खनन परिवहन एवं भंडारण करने वालों के विरुद्ध खनन विभाग चतरा सख्त।जिले में लगातार चलाया जा रहा हैं छापेमारी अभियान। खान निरीक्षक राजेश हंसदा ने बताया कि जिले भर में अवैध खनन परिवहन एवं भंडारण करने वालों के विरुद्ध जिला स्तरीय टास्क फोर्स, अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स व अंचल स्तरीय टीम द्वारा छापेमारी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। किसी भी सूरत में अवैध खनन में संलिप्त लोगों को बख्सा नहीं जाएगा। शनिवार को सदर थानांतर्गत चतरा क्षेत्र अंतर्गत जोरी मुख्य मार्ग संघरी घाटी पुल के पास दो बालू लोड ट्रैक्टर वाहोनो को पुलिस केन्द्र बल के सहयोग से पकड़ा गया।ल दोनो ट्रेक्टर में 100-100 सीएफटी बालू लोड पाया गया। पकड़े गए दो ट्रैक्टर में से एक ट्रैक्टर का निबंधन और डाला नंबर अंकित नहीं है। वाहन चालक अरुण कुमार भुईयां एवं दिलीप भुईयां दोनो चालको को सदर थाना चतरा को सुपूर्द कर दिया गया।और दोनो खनिज लोड वाहनों पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है।
