दोस्तों, यह साल 2024 है। देश और विश्व आगे बढ़ रहा है। चुनावी साल है। नेता बदले जा रहे है , विधायक बदले जा रहे है यहाँ तक की सरकारी अधिकारी एसपी और डीएम भी बदले जा रहे है। बहुत कुछ बदल गया है सबकी जिंदगियों में, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा आज भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है। देश की सरकार तो एक तरफ महिला सशक्तिकरण का दावा करती आ रही है, लेकिन हमारे घर में और हमारे आसपास में रहने वाली महिलाएँ आखिर कितनी सुरक्षित हैं? आप हमें बताइए कि *---- समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमें किस तरह के प्रयास करने की ज़रूरत है ? *---- महिलाओं को सही आज़ादी किस मायनों में मिलेगी ? *---- और घरेलू हिंसा को रोकने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?
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खलारी। सम्यक ज्ञान निकेतन की बैठक गुरूवार को मनोज भुईंयां की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वर्ष 2024-25 लिए संस्था के लोगों द्वारा कई योजना बनाई गई। साथ ही बैठक में केन्द्रीय कमिटी की घोषणा करते हुए कमिटी के पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया। जिसमें संरक्षक नीरज भोगता, अध्यक्ष मनोज भुईंया, उपाध्याक्ष अनिता गंझू, सचिव गणेश भुईंयां, सहसचिव शंभूनाथ गंझू, कोषाध्यक्ष संगीता देवी के अलावा विजय गंझू, मनीश राम, संध्या कुमारी, रेश्मी कुमारी को षामिल किया गया है। वहीं सम्यक ज्ञान निकेतन खलारी प्रखण्ड अध्यक्ष के पद पर रमेश गंझू एवं कार्यालाय प्रभारी रवीन्द्रनाथ चौधरी को बनाया गया है। बैठक में मनोज भुईंयां, अनिता गंझू, गणेश भुईंयां, शंभूनाथ गंझू, रवीन्द्रनाथ चौधरी सहित अन्य उपस्थित थे।
हम सभी रोज़ाना स्वास्थ्य और बीमारियों से जुड़ी कई अफवाहें या गलत धारणाएं सुनते है। कई बार उन गलत बातों पर यकीन कर अपना भी लेते हैं। लेकिन अब हम जानेंगे उनकी हकीकत के बारे में, वो भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद से, कार्यक्रम सेहत की सच्चाई में। याद रखिए, हमारा उद्देश्य किसी बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि लोगों को उत्तम स्वास्थ्य के लिए जागरूक करना है। सेहत और बीमारी को लेकर अगर आपने भी कोई गलत बात या अफवाह सुनी है, तो फ़ोन में नंबर 3 दबाकर हमें ज़रूर बताएं। हम अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानेंगे उन गलत बातों की वास्तविकता, कार्यक्रम सेहत की सच्चाई में।
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नारी तू अबला नहीं ,स्वयं शक्ति पहचान। अपने हक को लड़ स्वयं, तब होगा उत्थान।। महिलाएं समाज का एक अहम् हिस्सा है लेकिन बदलते वक्त के साथ महिलाएं आज राष्ट्र निर्माण में भी अपना योगदान दे रही है। हर साल 8 मार्च के दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद महिला सशक्तिकरण की तरफ एक कदम है. यह दिन दुनिया भर में महिलाओं के त्याग ,साहस और सम्मान को समर्पित दिन होता है। हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को एक थीम के साथ सेलिब्रेट किया जाता है साल 2024 में इस दिन को 'इंस्पायर इन्क्लूज़न ' थीम के साथ मनाया जा रहा है जिसका मतलब है "एक ऐसी दुनिया,जहां हर किसी को बराबर का हक और सम्मान मिले" दोस्तों हम सभी अपने आस पास की उन सभी महिलाओं की शक्ति जो की अविश्वसनीय है उसे सलाम करें और उनके हौसले को बुलंद करें । आप सभी को मोबाइल वाणी के पुरे परिवार की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएं।
टंडवा में प्राइवेट कंपनियों का कोयला डिस्पैच करेगी गोदावरी
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