उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्जापुर जिला से 32 वर्षीय सुजीत कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि उनका बहुत ही प्रसिद्ध पेड़ा का दूकान है। वो बहुत अच्छा पेड़ा बनाना जानते हैं। लेकिन पहले वो पैसों का लेन देन कॉपी में लिख कर करते थे। जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। कई बार वो पैसा लेना ही भूल जाते थे। लेकिन जब से उन्होंने ग्रामवाणी सुना और शिवधनी भैया ने उन्हें डिजटल बुकिंग के माध्यम से लेन देन के बारे में बताया। अब वो इस एप्प के माध्यम से हिसाब रखने में काफी मदद हो रही है। एक कस्टमर से एक हजार रुपया लेना भूल गए थे। वो भी इस एप्प के माध्यम से मिल गया है। अपने ग्राहकों को रिमाइंडर भेज कर आसानी से व्यवसाय कर पा रहे हैं। यह बहुत ही अच्छा है। इसके लिए वो ग्रामवाणी और शिवधनी भैया को धन्यवाद करते हैं।

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के कोण से शिवधन यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि वो आटा चक्की का युनिट लगाना चाहते हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला के मझवां ब्लॉक से धन देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहती हैं कि महिलाओं को भी जमीनी अधिकार मिलना चाहिए।

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला के मझवां ब्लॉक से धन देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहती हैं कि वो पशुपालन का काम करना चाहती हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर जिला के मझवां ब्लॉक से पुना देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहती हैं कि वो परचूरन का दूकान खोलना चाहती हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्जापुर ज़िला से प्रियंका उम्र 30 वर्ष मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि महिलाओं को जमीनी अधिकार मिलना चाहिए। जिससे की महिलायें आत्मनिर्भर बन सके

उत्तर प्रदेश राज्य के मिर्जापुर ज़िला से प्रियंका उम्र 30 वर्ष मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती हैं कि वो सिलाई का काम करती हैं और खुद का सेंटर भी खोलना चाहती हैं।

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 30 वर्षीय सविता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं को जमीन का अधिकार मिलना चाहिए

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 30 वर्षीय सविता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वो पशुपालन करना चाहती है। इसके लिए इन्हे पैसों की आवश्यकता है।

उत्तरप्रदेश राज्य के मिर्ज़ापुर ज़िला के मझवां प्रखंड से 25 वर्षीय कुसुम देवी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि महिलाओं के नाम जमीन होना चाहिए ताकि महिलाएँ स्वावलम्बी बन सके।