आपलोग हमें बताएं कि केवल परीक्षा में लाये हुए अच्छे नंबर ही एक अच्छा और सच्चा इंसान बनने का माप दंड कैसे हो सकता है? अक्सर देखा जाता है कि माता पिता अपने बच्चों के तुलना दूसरे बच्चों से करते है. क्या यह तुलना सही मायने में बच्चे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करती है या उनके मन में नकारात्मक सोच का बीज बो देती है ? आपको क्या लगता है? इस पर आप अपनी राय, प्रतिक्रिया जरूर रिकॉर्ड करें। और हां साथियों अगर आज के विषय से जुड़ा आपके मन में किसी तरह का सवाल है तो अपने सवाल रिकॉर्ड करें अपने फ़ोन नंबर 3 दबाकर। हम आपके सवालों का जवाब ढूंढ कर लाने की पूरी कोशिश करेंगे।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 50 वर्षीय दीपक मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कोई भाई अपनी बहन को हिस्सा देना चाहता है तो उसमें दिक्कतें आती है।अगर पैतृक जमीन है तो इसमें बहन का हिस्सा है। लेकिन भाई का अपना कमाया हुआ संपत्ति है तो अगर उसे अपनी बहन को हिस्सा देना है तो उसे अपने परिवार से राय लेना पड़ता है। परिवार की सहमति की आवश्यकता होती है। अगर परिवार के लोग सहमत होंगे तो कानूनी प्रक्रिया कर के बहन को हिस्सा दिया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से मोबाइल वाणी के माध्यम से संवाददाता रमजान अली कहते हैं कि उन्होंने महिला अधिकार के बारे में जब लोगों से बातचीत की तो उनमे से एक महिला ने कहा की भाई के बराबर ही बहन को भी हिस्सा मिलना चाहिए। मुझे तो मायके में जमीन मिला भी है। इसलिए अच्छा होगा की सभी महिलाओं को माता पिता की संपत्ति में हक दिया जाये
उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से मोबाइल वाणी के माध्यम से संवाददाता रमजान अली कहते हैं कि उन्होंने महिला अधिकार के बारे में जब लोगों से बातचीत की तो लोगों का कहना है कि महिलाओं को अधिकार दिया जाना अच्छा है। लेकिन पिता की सम्पति में महिलाओं को अगर बराबर का हक दिया गया तो महिला का अपने मायके वालों से विवाद होगा। इसलिए बेहतर होगा की महिला की शादी जिस घर में हुई है। उसे वहीं पर हक अधिकार मिले
उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से मोबाइल वाणी के माध्यम से संवाददाता रमजान अली ने नाजमा खातून से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने जानकारी दी की पुरुषों को जमीन जायदाद में हक मिलता है। वैसे ही महिलाओं को भी हिस्सा मिलना चाहिए।
ज़मीन मिलने के बाद विमला ने अपनी जरूरतों और नए तरीकों को अपना कर खेती का नक्शा ही बदल दिया है- क्योंकि अब वह सिर्फ मज़दूर नहीं, एक किसान है। इस विषय पर आप क्या सोचते हैं, महिलाएं अपने हक को कैसे हासिल कर सकती हैं. क्या आप नहीं चाहते की आपके आस पास विमला जैसी कई महिलाएं हों? मुझे उम्मीद है कि आप निश्चित देखना चाहते हैं. तो आप हमें बताइये आप अपने इलाके में कैसे अनेकों विमलाएं बनाएंगे उनको उनका भूमि अधिकार देकर आपकी राय इसके उलट भी हो सकती है. इसलिए पक्ष-विपक्ष के इस कार्यक्रम में अपनी राय ज़रूर रिकॉर्ड करें हमें बताएं कि आप इस मसले पर क्या सोचते हैं. राय रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं अपने फोन से तीन नंबर का बटन दबाकर या फिर मोबाईलवाणी के जरिए.
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से हमारे श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से जाकिर से बात कर रहे है। जाकिर कहते है कि माता पिता की संपत्ति में महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से 42 वर्षीय कलीम अहमद मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि महिलाओं को माता पिता की संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए जिससे वो अपना जीवन यापन कर सके। अगर आगे चल कर शादी के बाद पति पत्नी में अलगाव हो जाए या तलाक की स्थिति आ जाए तो ऐसे में महिलाओं के लिए संपत्ति का रहना फायदेमंद रहेगा
आप हमें बताएं कि आखिर ऐसा क्यों होता है कि आज के समय में अक्सर लोग दूसरों को निचा दिखाने की कोशिश करते हैं बिना इसकी परवाह किये की उनके मानसिक स्वास्थ्य पर इस बात का क्या असर पड़ेगा ? आपके अनुसार इस तरह के भेदभाव को हमारे सोच और समाज से कैसे मिटाया जा सकता है ? दोस्तों इस से जुड़ी आपके मन में अगर कोई सवाल है तो जरूर रिकॉर्ड करे . हम आपके सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से मोबाइल वाणी के माध्यम से संवाददाता रमजान अली कहते हैं कि लोगों की राय है कि अगर पिता की सम्पति में महिलाओं को अगर बराबर का हक देने का मतलब है महिला का अपने मायके वालों से विवाद होना। इसलिए बेहतर होगा की महिला की शादी जिस घर में हुई है। उसे वहीं पर हक अधिकार मिले
