उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से मोबाइल वाणी के माध्यम से 40 वर्षीय बशीर अहमद कहते हैं कि माता पिता की सम्पति में महिलाओं का भी हक़ बनता है। शादी होने के बाद वो अपने घर चली जाती है। लेकिन किसी कारण से अगर महिला अपने ससुराल में नहीं रह पाती है,तो वो अपने मायके लौट आती है। ऐसी परिस्थिति में महिलाओं को अपने देख - भाल के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। उनके माता पिता की संपत्ति में कुछ न कुछ हिस्सा मिलने पर वो अपना ध्यान रख सकती हैं
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से गुलाब अहमद रज़ा से बातचीत हुई।गुलाब अहमद रज़ा कहती है कि माता पिता के संपत्ति में लड़कियों का थोड़ा हिस्सा मिलना चाहिए। लड़कियां समझदार है तो उन्हें संपत्ति नहीं लेना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से शबनम से बातचीत हुई।शबनम कहती है कि माता पिता के संपत्ति में लड़कियों का भी हिस्सा मिलना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से महक से बातचीत हुई।महक कहती है कि माता पिता के संपत्ति में लड़कियों को भी हिस्सा मिलना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से रमजान अली मोबाइल वाणी के माध्यम से बर्कातून निशा से बातचीत हुई।बर्कातून निशा कहती है कि माता पिता के संपत्ति में लड़कों की तरह लड़कियों को भी हिस्सा मिलना चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से मोहम्मद आरिफ मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि समाज में यह सवाल उठता है कि महिलाओं को माता पिता के संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए या नहीं। पर इनके अनुसार महिलाओं को संपत्ति में एक बटा तीन हिस्सा मिलना चाहिए ताकि वो भी अपना जीवन यापन अच्छे से व्यतीत कर सके।
उत्तर प्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से मोबाइल वाणी के माध्यम से संवाददाता रमजान अली कहते हैं कि महिलाओं को जमीन पर हक मायके में नहीं ले कर के ससुराल में लेना चाहिए। इससे महिला के मायके के संबन्धों में कोई खटास नहीं आएगी। कुछ लोगों का यह भी मानना है की महिलाओं को पुरुषों के समान ही जमीन और संपत्ति में अधिकार दिया जाना चाहिए
साथियों, ऐसा देखने को मिलता है कि आज के पढ़े लिखे और सभ्य समाज में भी शारीरिक और मानसिक रूप से असामान्य लोगों को अलग दृष्टि से देखा जाता है आखिर इस तरह के लोगों के व्यवहार के पीछे क्या कारण हैं ? आपको को क्या लगता है ऐसा क्यों होता है कि समाज में एक सामान्य व्यक्ति अपने से अलग लोगों को स्वीकार नहीं कर पाता ? आपके अनुसार समाज में फैले इस तरह की भेदभाव की भावना को कैसे दूर किया जा सकता है ? दोस्तों, आपके मन में आज के विषय से जुड़ा कोई भी सवाल है तो जरूर रिकॉर्ड करें अपने फ़ोन में नंबर 3 दबाकर। हम आपके सवाल का जवाब ढूंढ कर आप तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
