उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलम पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि "राजीव की डायरी" के मुद्दे ग्रामीणों को बहुत पसंद आ रहे हैं। घरेलू हिंसा एक सभ्य समाज का कड़वा सच है और इस सच को झुठलाया नही जा सकता है। समाज में घरेलू हिंसा तीव्रता से बढ़ती जा रही है। आज भले ही महिला आयोग की वेबसाइट पर आंकड़े कुछ भी हो ,वास्तव में महिलाओं पर होने वाले घरेलू हिंसा की संख्या बहुत अधिक है। महिलाएं अत्याचार के खिलाफ आवाज उठती हैं तो उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।