उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाएं किसी भी विकसित समाज की रीढ़ हैं। हमारे देश में सत्तर प्रतिशत आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है। पचास प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवार अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। कृषि में महिलाओं का योगदान पैंसठ से सत्तर प्रतिशत है, लेकिन अधिकतर महिलाएँ नई तकनीक को अपनाने,आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों का लाभ उठाने और औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग में असमर्थ हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं को केवल दो फीसदी भूमि उत्तराधिकारी में मिली है।इसके आलावा 81 प्रतिशत महिला कृषि मजदूर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों की हैं और वे सावधि और भूमिहीन मजदूरी में सबसे अधिक योगदान देती हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।