उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के भूमि अधिकार पर बातचीत में पुरुषों को शामिल करने का एक और कारण हिंसा को रोकना है। वे आगे बढ़ते हैं तो महिला को अक्सर बलपूर्वक और आक्रामक तरीके से उनको जमीं से बेदखल कर दिया जाता है। कभी-कभी उनकी जान को भी खतरा होता है।भूमि का अधिग्रहण करने के बावजूद महिला को पुरुष द्वारा किये जाने वाले उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। प्रियंका को ऐसी कई महिलाओं के बारे में सुना है, जिनके पास जमीन होती है, लेकिन उन्हें जमीन एक बोझ लगती है। परिवार से अलग कर दिए जाने का डर भी महिलाओं को भूमि पर किसी प्रकार के अधिकार का दावा करने में रूकावट होता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।