उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ग्रामीण महिलाओं के साथ बातचीत से पता चलता है कि अधिकांश महिलाएं पैतृक संपत्ति पर बेटियों के अधिकार जैसे कानूनों के बारे में जानती हैं, लेकिन सामाजिक दबाव के कारण वो अपने अधिकार नही मांग पाती हैं । महिलाओं को डर है कि उनके अधिकार मांगने से परिवार में वैमनस्य की भावना पैदा हो सकती है या उनसे कहा जाएगा "हक़ की बात भूल जाओ" क्योंकि तुम्हारी शादी के लिए दहेज दिया गया था। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।