उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि किसी भी पुरुष की शक्ति का प्रदर्शन तब माना जाता है जब वह किसी महिला का सम्मान करना प्रारम्भ करता है।क्योंकि घर में काम करने वाली महिलाओं को पैसे में नहीं गिना जाता है और न ही उन्हें इन कामों से आय मिलती है। इसलिए महिलाओं के काम को पुरुष के काम की तुलना में कम मूल्यवान समझा जाता है। शायद यही कारण है कि समाज पुरुष और महिला में भेदभाव करती है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
