उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि नारी को निम्न समझने वाली सोच के विरुद्ध नारी आंदोलन का जन्म हुआ। पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओं को हीन दर्जा प्राप्त है। यह वह समाज है जो नारी के जीवन जीने के नियमों और रूपों का गठन करता है। यह महिला के स्वतंत्र अस्तित्व को नकारता है और उसके स्वतंत्र व्यक्तित्व को नकार देता है। स्त्री को भी पुरुषों के बराबर सम्मान, अधिकार और अवसर मिलने चाहिए। महिला भी एक इंसान है। वह एक इंसान होने के साथ-साथ दुनिया की आधी भी आबादी है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।